कोरोना काल में आईट कंपनी इंफोसिस की एक अच्छी खबर है। देश की दूसरी बड़ी आईट कंपनी इंफोसिस में वित्त वर्ष 2019-20 में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।
नई दिल्ली: कोरोना काल में आईट कंपनी इंफोसिस की एक अच्छी खबर है। देश की दूसरी बड़ी आईट कंपनी इंफोसिस में वित्त वर्ष 2019-20 में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले वित्त वर्ष में करोड़पति क्लब में कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 74 हो गई। जबकि एक साल पहले कंपनी में 64 करोड़पति थे। इंफोसिस में वाइस प्रेसिडेंट और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट स्तर के 74 अधिकारी करोड़पति की लिस्ट में शामिल हैं। बता दें कि इंफोसिस में करोड़पति कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की वजह उन्हें मिलने वाले स्टॉक इन्सेंटिव की वैल्यू में बढ़ोतरी है। इस बात की जानकारी इंफोसिस के सालाना रिपोर्ट में दी गई है।

बता दें कि पिछले साल इंफोसिस के बोर्ड ने इन्फोसिस ने अपने कर्मचारियों को करोड़ों रुपये के शेयर देने के प्लान को आगे बढ़ाया था। कर्मचारियों को परफॉर्मेंस के आधार पर इन्सेंटिव के नए प्रोग्राम के तहत शेयर दिए जाएंगे। शेयरधारकों की मंजूरी के बाद स्टॉक ऑनरशिप प्रोग्राम लागू हुआ। वहीं साल 2015 की योजना के मुताबिक इंफोसिस समय के आधार पर शेयर देती थी लेकिन अब परफॉर्मेंस के आधार पर दिए जाएंगे।
इंफोसिस के सीईओ की सैलरी में हुई बढ़ोत्तरी
जानकारी दें कि इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख के वेतन पैकेज में 2019-20 में लगभग 39 फीसदी बढ़ोतरी हुई है और यह 34.27 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। 2018-19 में पारेख की सैलरी 24.67 करोड़ रुपये थी। 2019-20 के लिए कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट से पता चला कि उनके कुल वेतन में 16.85 करोड़ रुपये सैलरी से, स्टॉक से 17.04 करोड़ रुपये और 38 लाख रुपए शामिल हैं। जबकि इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने स्वेच्छा से अपनी सेवाओं के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लिया है। जानकारी के मुताबिक इंफोसिस के बड़े अधिकारियों को मिलने वाले वेतन पैकेज में फिक्स पे, वेरिएबल पे, रिटायरमेंट पर मिलने वाले बेनिफिट और स्टॉक ऑप्शन शामिल होते हैं।
कर्मचारियों की सैलरी में 10 फीसदी वृद्धि
बात करें पिछले साल की तो इंफोसिस के कर्मचारियों की सैलरी में 10 फीसदी वृद्धि हुई है। यह पिछले साल 6.2 लाख रुपए पर था जो 2019-20 में 6.8 लाख रुपए हो गया है। भारत में कर्मचारियों की औसत वेतन वृद्धि 7.3 फीससदी रही है। मुख्य परिचालन अधिकारी का वेतन पिछले वित्त वर्ष में 9.05 करोड़ रुपए से 17.1 फीसदी बढ़कर 10.6 करोड़ रुपए हो गया। वहीं दूसरी ओर टीसीएस के सीईओ और एमडी राजेश गोपीनाथन का पैकेज पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 2019-20 में 16 फीसदी घटकर 13.3 करोड़ रुपये रहा था।
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