Government unemployment allowance: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने बेरोजगारी भत्ता योजना 2024-25 शुरू की है। वायरल दावे के अनुसार, इस योजना के तहत 10वीं पास बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3,500 रुपये मिलेंगे। एक यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रसारित इस पोस्ट को व्यापक रूप से साझा किया गया है, जिससे लोगों के बीच इसकी सच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

PIB फैक्ट चेक
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को झूठा बताया है। अपने स्पष्टीकरण में, PIB ने पुष्टि की है कि भारत सरकार ने ऐसी कोई बेरोजगारी भत्ता योजना शुरू नहीं की है। इसमें कहा गया है कि ऐसा कोई वित्तीय लाभ नहीं दिया जा रहा है, और वायरल वीडियो जनता को गुमराह कर रहा है। आधिकारिक बयान में आगे जोर दिया गया है कि नागरिकों को सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट घोषणाओं पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
फर्जी खबरें कैसे गुमराह करती हैं?
ऐसी पोस्ट अक्सर एडिटेड थंबनेल, सरकारी नेताओं की तस्वीरें और आधिकारिक दिखने वाले टॉपिक का यूज करके लोगों को यह विश्वास दिलाती हैं कि ये योजनाएं असली और मौलिक हैं। कई फर्जी चैनल या वेबसाइट दर्शकों से व्यक्तिगत जानकारी देकर या शुल्क देकर "पंजीकरण" करने के लिए भी कहते हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ये हथकंडे बेरोजगार युवाओं का शोषण करने और लाभ के लिए गलत सूचना फैलाने के लिए बनाए गए हैं।
कैसे रहें सुरक्षित?
अधिकारियों ने नागरिकों को सोशल मीडिया पर कंटेट देखते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों को संदिग्ध पंजीकरण लिंक पर क्लिक करने या वायरल संदेशों पर आधारित व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, सरकारी योजनाओं की ऑथेंसिटी की जांच हमेशा आधिकारिक पोर्टल जैसे www.mygov.in, प्रेस सूचना ब्यूरो के आधिकारिक हैंडल या संबंधित मंत्रालयों की वेबसाइटों के माध्यम से करनी चाहिए।


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