नयी दिल्ली। कोरोनावायरस की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बनी हुई अनिश्चितता को देखते हुए दुनिया भर के निवेशक अपना निवेश सरकारी बॉन्ड और गोल्ड जैसी जोखिम मुक्त संपत्तियो में ट्रांसफर कर रहे हैं। वैसे भी परंपरागत रूप से लोग भारत में फिजिकल गोल्ड में निवेश करते हैं। एक ऐसे समय जब सोना 43000-47000 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है तो आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि है सोना इस साल पहले से ही 16 फीसदी ऊपर जा चुका है, ऐसे में इसमें अब निवेश करना सही होगा या नहीं? या इस समय गोल्ड में निवेश करके कितने फीसदी रिटर्न का टार्गेट सही रहेगा? इनसे भी बड़ा सवाल कि इस वक्त गोल्ड में किस तरह निवेश करना बेस्ट होगा? ये सभी सवाल जरूरी हैं। आइए जानते हैं कि इन सवालों पर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं।
गोल्ड में निवेश करें या नहीं
यदि आप एक लंबी अवधि निवेशक हैं और लंबी अवधि के लिए ही पैसा बनाना चाहते हैं तो मौजूदा गोल्ड के भाव या इसमें थोड़ा उतार-चढ़ाव आपके फैसले को प्रभावित करने वाला नहीं होना चाहिए। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के शोध के अनुसार अवस्फीति (Deflation) के दौरान गोल्ड को अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए। अवस्फीति वह समय होता है जब ब्याज दरें कम होती हैं, खपत कम होती है और अर्थव्यवस्था में वित्तीय दबाव होता है। 2000 में सामने आए डॉटकॉम बबल और 2008 में आई आर्थिक मंदी के समय भी गोल्ड ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया था। वैश्विक रेटिंग एजेंसियों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वैश्विक जीडीपी में कटौती की है। इससे इक्विटी बाजार पर नकारात्मक असर पड़ेगा और निवेशक बॉन्ड के अलावा गोल्ड का रुख करेंगे। इसका साफ मतलब है कि आने वाले दिनों में गोल्ड की मांग बढ़ेगी।
क्या और चढ़ेंगे गोल्ड के रेट
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार रुपए के लिहाज से 1973 से गोल्ड ने औसतन 14.10 फीसदी सालाना रिटर्न दिया है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपया फिसल रहा है, जो गोल्ड के लिए सकारात्मक है। अर्थशास्त्री यह भी अनुमान लगा रहे हैं कि सरकार के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर कोरोनावायरस महामारी के प्रभाव के कारण आने वाले दिनों में रुपया और गिरेगा। इसके अलावा वर्ल्ड गोल्ड माइंस ने महामारी के कारण अस्थायी रूप से अपना कारोबार बंद कर दिया है, जिसका गोल्ड की कीमतों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यानी इस बात के संकेत हैं कि आने वाले दिनों में गोल्ड की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी।
कैसे करें निवेश
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि मौजूदा स्थिति में गोल्ड में निवेश का सबसे अच्छा तरीका भारत सरकार के किसी गोल्ड-समर्थित ईटीएफ या गोल्ड सॉवरेन बॉन्ड्स का ऑप्शन है। गोल्ड सॉवरेन बॉन्ड्स के तहत निवेशकों को बॉन्ड की कीमत बढ़ने के अलावा ब्याज के रूप में नियमित इनकम भी होती है। इसके अलावा मैच्योरिटी तक गोल्ड सॉवरेन बॉन्ड की बिक्री पर पूंजीगत लाभ को भी आयकर से छूट मिलती है। सोने की कीमतों में वृद्धि के कारण कम मांग के चलते फिजिकल गोल्ड के बाजार में लिक्विडिटी की दिक्कत आ सकती है। इसलिए ईटीएफ और सॉवरेन बॉन्ड के माध्यम से निवेश एक अच्छा विकल्प है।
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