IRFC Q2 Results: सरकारी रेलवे फाइनेंस कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर करीब 10% की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही कंपनी ने निवेशकों को अब तक का सबसे बड़ा अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है।

IRFC ने सितंबर 2026 में समाप्त दूसरी तिमाही में ₹1,958.48 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹1,776.98 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर मुनाफे में करीब 10.2% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी की कमाई में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान IRFC का ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर ₹7,866.41 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹6,371.89 करोड़ था। यानी कंपनी के रेवेन्यू में करीब 23.5% की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹7,924.46 करोड़ रही। पिछले साल की समान अवधि में यह करीब ₹6,372 करोड़ थी। हालांकि, इस दौरान कंपनी का कुल खर्च भी बढ़ा है। सितंबर तिमाही में कुल खर्च करीब ₹5,966 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह लगभग ₹4,595 करोड़ था।
हर शेयर पर ₹1.15 का डिविडेंड-
IRFC के बोर्ड ने निवेशकों के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹1.15 के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। कंपनी के मुताबिक, यह एक किस्त में दिया जाने वाला उसका अब तक का सबसे बड़ा अंतरिम डिविडेंड है। इसके लिए 23 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। उदाहरण के लिए, अगर किसी निवेशक के पास IRFC के 1,000 शेयर हैं, तो उसे ₹1,150 का डिविडेंड मिल सकता है। हालांकि, डिविडेंड पाने की पात्रता तय रिकॉर्ड डेट और कंपनी की निर्धारित शर्तों के अनुसार होगी।
IRFC 2.0 से कारोबार बढ़ाने की तैयारी-
कंपनी अब पारंपरिक रेलवे फाइनेंसिंग से आगे बढ़कर रेलवे से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी कारोबार के अवसर तलाश रही है। IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे के मुताबिक, कंपनी की 'IRFC 2.0' रणनीति के शुरुआती नतीजे दिखने लगे हैं। इससे कंपनी के मार्जिन और मुनाफे को सहारा मिल रहा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का सालाना आधार पर कैलकुलेट किया गया नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 1.50% रहा। कंपनी की योजना डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, बंदरगाहों के विस्तार और रेलवे से जुड़े नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए फाइनेंसिंग पर ध्यान देने की है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ बढ़कर ₹60,573 करोड़ हो गई।
शेयर में गिरावट, निवेशकों की नजर नतीजों पर-
गुरुवार, 15 अक्टूबर को IRFC का शेयर बीएसई पर करीब 1.07% गिरकर ₹78.90 पर बंद हुआ। कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹1.03 लाख करोड़ रहा। पिछले तीन महीनों में शेयर करीब 11% और छह महीनों में लगभग 22% गिर चुका है। एक साल के दौरान इसमें करीब 36.7% की गिरावट दर्ज हुई है।
इस तरह कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू में बढ़ोतरी के साथ डिविडेंड की घोषणा निवेशकों के लिए अहम है, लेकिन शेयर में आई गिरावट भी नजरअंदाज नहीं की जा सकती। निवेश का फैसला लेने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर के मूल्यांकन और बाजार की स्थितियों का आकलन करना जरूरी है।
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