नई दिल्ली, जुलाई 13। अगर आप जुलाई, अगस्त या सितंबर के महीने में तिरुपति बालाजी घूमने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके काफी काम की है। असल में भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) एक बेहतरीन टूर पैकेज लेकर आयी है। इस पैकेज के तहत लोगों को फ्लाइट से तिरुपति बालाजी जाने का मौका दिया जाएगा। मालूम हो कि तिरुपति बालाजी आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वेंकटेश्वर मंदिर भी यहां स्थित है। ये मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। तिरुमाला पर्वत पर इस अतुलनीय मंदिर के दर्शन भी आपको करने को मिलेंगे। आगे जानते हैं आईआरसीटीसी के नये टूप पैकेज की डिटेल।
कई अन्य मंदिरों के दर्शन का मौका
तिरुपति गांव में आपको और भी कई मंदिर मिलेंगे। इनमें आपको एक अलग तरह का शांतिपूर्ण अनुभव मिलएगा। कोई भी यदि इस समय तिरुपति बालाजी घूमने का प्लान कर रहा है तो उसे बिना देर किए आईआरसीटीसी के टूर पैकेज में बुकिंग करानी चाहिए।
क्या है टूर पैकेज का नाम
आईआरसीटीसी के इस टूर पैकेज को तिरुपति बालाजी दर्शनम नाम दिया गया है। इस पैकेज के तहत आपको तिरुपति, कनिपकम, श्रीनिवास मंगपुरम, श्रीकालहस्ती, तिरुचनूर और तिरुमाला जाने का मौका दिया जाएगा।
कहां से होगी शुरुआत
ध्यान रहे कि इस पैकेज की शुरुआत हैदराबाद से हो रही है। अगर आप जुलाई के महीने में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इनमें से किसी भी तारीख (14, 21, 23, 29 और 30) की बुकिंग की जा सकती है। इसके अलावा अगस्त महीने में यह पैकेज 4, 5, 11, 12, 18, 19 और 25 तारीख को चलेगा।
छोटा सा है टूर
आईआरसीटीसी का यह टूर पैकेज काफी छोटा है। ये केवल 1 रात 2 दिन का है। यात्रा के दौरान आपको खाने-पीने की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। आपके खाने-पीने से लेकर आपके ठहरने तक की पूरी व्यवस्था इस टूर पैकेज में आईआरसीटीसी द्वारा की जाएगी।
बेहद कम है खर्च
अब किराए की बात करते हैं। अगर आप अकेले यात्रा करने का प्लान कर रहे हैं तो आपको 13,945 रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, दो लोग यदि यात्रा करते हैं तो आपको प्रति व्यक्ति 12,260 रुपये खर्च करने होंगे। इसके अलावा तीन लोग यदि साथ यात्रा करेंगे तो प्रति व्यक्ति 12,165 रुपये खर्च करने होंगे। आईआरसीटीसी एक भारतीय सरकारी कंपनी है जो भारतीय रेलवे के लिए टिकट, खानपान और पर्यटन सेवाएं प्रदान करती है। यह शुरू में पूरी तरह से भारत सरकार के स्वामित्व में थी और रेल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित होती थी। लेकिन 2019 से यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड है। मगर सरकार के पास इसकी बहुमत हिस्सेदारी अभी भी है।


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