प्राइमरी मार्केट में इस साल भारी उतार-चढ़ाव के बीच नई-नई लिस्टिंग भारतीय कंपनियों ने अलग-अलग प्रदर्शन किए हैं. 2024 में अब तक 54 कंपनियों ने IPO लॉन्च किए हैं. इन कंपनियों ने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 51,000 करोड़ रुपए हैं. इसमें से कुछ IPO की शुरुआत तो अच्छी रही, लेकिन बाद में उनमें करेक्शन दर्ज की गई. जबकि अन्य शुरू में डिस्काउंट पर लिस्ट हुए और फिर तेजी से रिकवर किए.
विभोर स्टील ट्यूब्स लिस्टिंग के दिन 193% और BLS ई-सर्विसेज ने 175% की जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली. हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में करेक्शन दिखा, जोकि आधा फीसदी तक फिसल गया. इसके ठीक उलट जेजी केमिकल्स ने 16% डिस्काउंट और जन स्मॉल फाइनेंस बैंक 11% डिस्काउंट पर लिस्ट हुई. लेकिन अब वे अपने इश्यू प्राइस 49% तक ऊपर ट्रेड कर रहे हैं.
IPO में तेज एक्शन
राशि पेरिफेरल्स, आधार हाउसिंग फाइनेंस और ऑफिस स्पेस सॉल्यूशंस जैसे कुछ शेयरों की लिस्टिंग सपाट रही, लेकिन उसके बाद से इनमें जोरदार तेजी दर्ज की गई. राशि पेरिफेरल्स का शेयर 33%, आधार हाउसिंग फाइनेंस में 25% और ऑफिस स्पेस सॉल्यूशंस में 96% की तेजी दर्ज की गई. दूसरी ओर DEE डेवलपमेंट इंजीनियर्स, बंसल वायर इंडस्ट्रीज, Sanstar, मुक्का प्रोटीन्स, ले-ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी और Indegene जैसे शेयरों ने मजबूत शुरुआत की.

धमाकेदार प्रदर्शन वाले IPOs
IPO लिस्टिंग प्रॉफिट अब तक की तेजी
ज्योति CNC 30.86% 269%
एग्जिकॉम टेली-सिस्टम्स 58.91% 182%
प्लेटिनम इंडस्ट्रीज 29.18% 144%
Awfis स्पेस 5.09% 125.39%
यूनीकॉमर्स ई-सॉल्युशंस 94.49% 105.32%
भारती हेक्साकॉम 42.76% 96.50%
नोवा एग्रीटेक 43.39% 92%
JNK इंडिया 67.22% 83.35%
कई अन्य लिस्टिंग प्रीमियम पर शुरू हुईं. लेकिन उनका प्रॉफिट धीरे-धीरे कम होता गया. यह इश्यू प्राइस के करीब ही कारोबार करने लगे। इनमें क्रोनॉक्स लैब साइंसेज, एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स, एपीजे सुरेंद्र पार्क, एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स और व्रज आयरन एंड स्टील के शेयर शामिल हैं.
IPO परफॉर्मेंस पर पड़ा असर
मार्केट एनलिस्ट्स का मानना है कि IPOs के परफॉर्मेंस पर बिजनेस मॉडल, वैल्युएशंस और मार्केट सप्लाई डिमांड डायनेमिक्स का असर दिखा. 2024 में पिछले 8 महीनों में जियो-पॉलिटिकल टेंशन, अनुमान से अलग लोकसभा चुनाव के नतीजे और अप्रत्याशित बजट की वजह से बाजार पर असर पड़ा है.
अस्थिरता के बीच बाजार में नई लिस्टिंग
इस साल ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद बाजारों पर असर पड़ा. लेकिन SIP और डायरेक्ट इक्विटी निवेश के जरिए से लगातार रिटेल फ्लो की वजह से घरेलू इंडेक्स फ्लेक्सिबल रहे. भारत के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में 2024 में अब तक 12% से ज्यादा तेजी दर्ज की गई. जबकि BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 30% की ग्रोथ देखने को मिली.


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