नयी दिल्ली। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक या यूएसएफबी का 750 करोड़ रुपये का आईपीओ 02 दिसंबर को खुलने जा रहा है। आईपीओ में शेयरों के लिए प्राइस बैंड 36 रुपये से 37 रुपये तय किया गया है। अगर आप इस आईपीओ इश्यू में निवेश करने की सोच रहे हैं तो बता दें कि आपके पास 2 से 4 दिसंबर तक का समय होगा। इश्यू में न्यूनतम 400 इक्विटी शेयरों के लिए बिड दाखिल करनी होगी। इसके बाद 400 शेयरों के ही गुणज में आगे शेयरों के लिए आवेदन किया जा सकेगा। आईपीओ से पहले ही यूएसएफबी ने इसी महीने प्री-आईपीओ राउंड में 250 करोड़ रुपये की पूँजी जुटा ली थी। यूएसएफबी ने अपने आईपीओ इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, आईआईएफएल सिक्योरिटीज और जेएम फाइनेंशियल को बतौर बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया है। जानकारी के लिए बता दें कि यूएसएफबी आईपीओ के जरिये मिलने वाली पूँजी का इस्तेमाल अपना कैपिटल बेस मजबूत करने और भविष्य की पूँजी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगा।

उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज की सब्सिडरी है यूएसएफबी
यूएसएफबी उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज की ही एक सहायक कंपनी या सब्सिडरी है। आरबीआई से एक छोटा फाइनेंस बैंक शुरू करने के लिए लाइसेंस हासिल करने के बाद उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज 2016 में पब्लिक कंपनी बनी थी। यूएसएफबी ने बाजार नियामक सेबी के पास 14 अगस्त को आईपीओ इश्यू लाने की मंजूरी हासिल करने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद सेबी ने 22 अक्टूबर को यूएसएफबी को आईपीओ लाने के लिए हरी झंडी दिखा दी थी। यूएसएफबी के आईपीओ इश्यू में उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज के मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए 75 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रहेंगे। साथ ही इन्हें फाइनल इश्यू प्राइस पर 2 रुपये का डिस्काउंट भी मिलेगा।
क्या होता है आईपीओ?
आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स के जरिये कंपनियाँ शेयर बाजार में खुद को लिस्ट करवाती हैं। आईपीओ में कंपनियाँ पब्लिक यानी आम निवेशकों को शेयर बेचने की पेशकश करती हैं, इसलिए पब्लिक इश्यू भी कहा जाता है। वहीं सरकार अपनी हिस्सेदारी घटाने या विनिवेश करने के लिए पीएसयू कंपनियों का आईपीओ लाती है। आईपीओ में निवेशकों द्वारा निवेश की गयी राशि कंपनी को मिलती है। मगर सरकारी कंपनियों के आईपीओ के मामले में यह रकम सरकार को मिलती है।
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