भारतीय प्राइमरी मार्केट में इस सोमवार जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। निवेशकों के बीच फिलहाल सोना सिलेक्शन इंडिया (SonaSelection India) और मेहुल टेलीकॉम (Mehul Telecom) को लेकर सबसे ज्यादा क्रेज है। सुबह के कारोबार में अलॉटमेंट अपडेट और लिस्टिंग की चर्चा छाई हुई है। निवेशक संभावित मुनाफे का अंदाजा लगाने के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर पैनी नजर रखे हुए हैं। बाजार के इस बदलते रुख के साथ तालमेल बिठाने के लिए अपडेट रहना बेहद जरूरी है।
जैसे-जैसे आईपीओ की क्लोजिंग डेट नजदीक आ रही है, ग्रे मार्केट में सरगर्मी बढ़ गई है। मंगलवार को बंद होने से पहले मेहुल टेलीकॉम का प्रीमियम स्थिर बना हुआ है। वहीं, सोना सिलेक्शन इंडिया के अलॉटमेंट फाइनल होने का हर कोई इंतजार कर रहा है। सभी कैटेगरी में मिले भारी सब्सक्रिप्शन से साफ है कि रिटेल और बड़े संस्थागत निवेशक, दोनों ही इसमें गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं। यह मजबूत मोमेंटम नए इक्विटी इश्यू के प्रति बाजार के अच्छे भरोसे को दर्शाता है।

20 अप्रैल के ग्रे मार्केट और लिस्टिंग ट्रेंड्स पर एक नजर
मेहुल टेलीकॉम आज 5 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। अनऑफिशियल मार्केट में इसका भाव 98 रुपये के करीब है। यह SME सेगमेंट के लिए एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत है। जानकारों का मानना है कि हालिया डिमांड इस हफ्ते आने वाले नए इंफ्रास्ट्रक्चर इश्यू के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रही है। रिटेल निवेशक इस खास सेगमेंट में काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं।
निवेशक अब सोना सिलेक्शन इंडिया का अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। यह प्रक्रिया रजिस्ट्रार 'केफिन टेक्नोलॉजीज' (Kfin Technologies) के वेब पोर्टल के जरिए पूरी की जा रही है। अपना रिजल्ट देखने के लिए आपको पैन (PAN) डिटेल्स देनी होगी। जिन आवेदकों को शेयर अलॉट होंगे, उनके डीमैट अकाउंट में दो वर्किंग डेज के भीतर शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इस पारदर्शी व्यवस्था से रिटेल निवेशकों का भरोसा और मजबूत होता है।
| आईपीओ का नाम | ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) | इश्यू प्राइस बैंड |
|---|---|---|
| Mehul Telecom | ₹5 | ₹98 |
| Om Power | ₹2 | ₹175 |
| SonaSelection | Monitoring | Mainboard Issue |
| Citius InvIT | Steady | ₹1105 |
कैटेगरी के हिसाब से सब्सक्रिप्शन और अलॉटमेंट अपडेट
इस महीने SME आईपीओ में रिटेल निवेशकों की भारी भागीदारी जारी है। जबरदस्त डिमांड की वजह से अक्सर शेयरों का बंटवारा लॉटरी सिस्टम के जरिए होता है। निवेशकों को अपने डिजिटल मैंडेट पर नजर रखनी चाहिए ताकि फंड ब्लॉक की प्रक्रिया सफल रहे। मौजूदा ट्रेंड बताता है कि लोकल ट्रेडर्स के बीच अच्छी क्वालिटी वाली छोटी कंपनियां पहली पसंद बनी हुई हैं। साथ ही, रिफंड की प्रक्रिया भी काफी तेज है ताकि असफल बोलीदाताओं को जल्द पैसा वापस मिल सके।
मार्केट एक्सपर्ट्स इस महीने आने वाले नए मेनबोर्ड आईपीओ पर भी नजर रखे हुए हैं। उम्मीद है कि इनसे भारतीय शेयर बाजारों में लिक्विडिटी बढ़ेगी। लिस्टिंग के दिन मिलने वाला शुरुआती मुनाफा बाजार का मूड तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस तेज रफ्तार प्राइमरी मार्केट में अपडेट रहने के लिए रियल-टाइम ट्रैकर्स का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा तरीका है।


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