Upcoming IPO: आईपीओ मार्केट में कंपनियां धड़ाधड़ पब्लिक इश्यू लॉन्च कर रही. बाजार के अच्छे सेंटीमेंट का फायदा उठाने के लिए इसमें एक और नई कंपनी आईपीओ लाने की योजना बना रही है. इसके लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास आवेदन किया है. मुंबई बेस्ड कंपनी जेसन इंडस्ट्रीज, पेंट इंडस्ट्री के लिए कोटिंग इमल्शन और वाटर बेस्ड प्रेशर-सेंसिटिव एडहेसिव के निर्माण में एक प्रमुख खिलाड़ी है.
आईपीओ से फंड जुटाने की है तैयारी
क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक जेसन ने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के माध्यम से धन जुटाने के लिए सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) फिर से दाखिल किया है. आईपीओ में 300 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू और धीरेश शशिकांत गोसालिया द्वारा 9.46 मिलियन इक्विटी शेयरों का ओएफएस शामिल है.
आईपीओ का फेस वैल्यू 5 रुपए प्रति शेयर है. जेसन इंडस्ट्रीज योग्य कर्मचारियों के लिए एक हिस्सा रिजर्व करने की योजना बना रही है, जिससे उन्हें उनकी बोलियों पर छूट मिलेगी. इसके अलावा कंपनी निजी प्लेसमेंट के जरिए ज्यादा इक्विटी शेयर जारी करने पर विचार कर सकती है, जो संभवतः पूरा होने पर फ्रेश इश्यू साइज को 60 करोड़ रुपए तक कम कर सकता है.

जुटाए फंड का कहां होगा इस्तेमाल?
पब्लिक इश्यू से मिली रकम का इस्तेमाल में से 165 करोड़ रुपए कुछ उधारी चुकाने या समय से पहले चुकाने के लिए, 77.90 करोड़ रुपए अपनी सब्सिडिटी कंपनी जेसन्स इनोवेटिव पॉलिमर्स प्राइवेट लिमिटेड में निवेश के जरिए वर्किंग कैपिटल के लिए, खास तौर पर सॉल्वेंट-बेस्ड चिपकने वाले और लचीले पैकेजिंग चिपकने वाले जैसे नए चिपकने वाले प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा.
बाकी बचे रकम को जनरल कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. आईपीओ में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) को इश्यू का 50% से अधिक हिस्सा नहीं मिलेगा, जबकि गैर-संस्थागत और रिटेल निवेशकों को क्रमशः कम से कम 15% और 35% मिलेगा.
मार्केट में कंपनी की स्थिति और प्रोडक्ट रेंज
जेसन्स इंडस्ट्रीज पेंट, पैकेजिंग, फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, टाइल्स, टेक्सटाइल, लेदर केमिकल्स, कार्पेट केमिकल्स और पेपर केमिकल्स जैसे अलग-अलग सेक्टर्स में सर्विस देती है. भारत में इसका अहम मार्केट शेयर है, जिसमें नॉन-कैप्टिव डोमेस्टिक कोटिंग इमल्शन में 27% और टेप और लेबल के लिए पानी आधारित दबाव-संवेदनशील चिपकने वाले पदार्थों में 35% मार्केट शेयर है.
48 देशों को एक्सपोर्ट करती है कंपनी
जेसन्स इंडस्ट्रीज 2008 से 30 सितंबर, 2024 तक 48 से ज्यादा देशों को कोटिंग इंग्रीडिएंट और चिपकने वाले मैटेरियल का एक्सपोर्ट कर रहा है. कंपनी की मजबूत उपस्थिति एशिया-प्रशांत, मध्य पूर्व और अफ्रीका जैसे हाई ग्रोथ वाले सेक्टर्स में फैली हुई है. यह इस सेक्टर में भारत की सबसे ब्रॉडर प्रोडक्ट कैटेगरी में से एक है.
हाल के सालों में जेसन्स ने वुडवर्किंग और फ़ॉर्मूला कंस्ट्रक्शन केमिकल्स जैसे इंडस्ट्रीज में 42 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं. इनमें से 26 लॉन्च वित्तीय वर्ष 2024 और वित्तीय वर्ष 2025 की शुरुआत में हुए.
आईपीओ मैनेजमेंट टीम
मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड इस इश्यू के लिए लीड मैनेजर के रूप में काम कर रहे हैं, जबकि एमयूएफजी इनटाइम रजिस्ट्रार के रूप में काम करेगा. आईपीओ के बाद शेयरों को एनएसई और बीएसई दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट किया जाएगा. फिलहाल सेबी के अप्रुवल की पर नजर है.


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