Upcoming IPO: जल्द एक और कंपनी का आईपीओ शेयर मार्केट में एंट्री लेने वाला है। आइकॉन फैसिलिटेटर्स लिमिटेड का सब्सक्रिप्शन 24 जून 2025 से खुलेगा और 26 जून 2025 को बंद होगा। IPO का शेयर अलॉटमेंट 27 जून को हो सकता है। यह IPO BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा, जिसकी संभावित तारीख 1 जुलाई तय की गई है।

इतना है प्राइस बैंड
Icon Facilitators IPO का प्राइस बैंड ₹85 से ₹91 प्रति शेयर तय किया गया है। इसका मतलब है कि निवेशक इस रेंज में किसी भी कीमत पर बोली लगा सकते हैं, लेकिन आमतौर पर कटऑफ प्राइस यानी ₹91 पर बोली लगाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, खासकर अगर IPO का सब्सक्रिप्शन ज्यादा होने की संभावना हो।
इस आईपीओ का लॉट साइज
इस इश्यू में मिनिमम लॉट साइज 1200 शेयरों का है। यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम 1200 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। HNI (High Net-worth Individual) कैटेगरी में निवेश करने के लिए कम से कम 2 लॉट यानी 2,400 शेयरों का आवेदन जरूरी है।
ये हैं बुक रनिंग लीड मैनेजर
खंबाटा सिक्योरिटीज लिमिटेड आइकॉन फैसिलिटेटर्स आईपीओ का बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि माशितला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू का रजिस्ट्रार है। आइकॉन फैसिलिटेटर्स आईपीओ के लिए मार्केट मेकर निकुंज स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड है।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
Icon Facilitators Limited (IFL) की शुरुआत साल 2002 में हुई थी। यह एक फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी है, जो भारत भर में अलग-अलग तरह की तकनीकी सर्विसेस देती है। कंपनी घरों, दफ्तरों और बिल्डिंग्स के लिए सभी ज़रूरी सुविधाएं एक साथ देती है। इसमें सफाई (हाउसकीपिंग), पेस्ट कंट्रोल, इलेक्ट्रिकल सिस्टम की देखरेख, एसी और वेंटिलेशन (HVAC), पानी की सफाई, फायर सेफ्टी जैसे कई काम शामिल हैं।
IFL की सबसे खास बात यह है कि ये इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट यानी एक जगह से सभी जरूरतों का समाधान देती है-चाहे वह साफ-सफाई जैसी सॉफ्ट सर्विस हो या मशीनों की देखरेख जैसी हार्ड सर्विस।
अभी कंपनी का ज्यादातर काम उत्तरी भारत में है, जहां यह 127 जगहों पर अपनी सर्विसेस दे रही है। हाल ही में कंपनी ने बेंगलुरु में भी अपने काम की शुरुआत की है, ताकि दक्षिण भारत में भी अपने कदम मजबूत कर सके।
दक्षिण भारत के कामकाज को श्री बैसिल अरुण कीलोर संभाल रहे हैं, जो वहां के ऑपरेशंस को आगे बढ़ा रहे हैं।
कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
वित्त वर्ष 31 मार्च 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच कंपनी की रेवेन्यू (आमदनी) में 16% की बढ़ोतरी हुई है। सबसे खास बात यह है कि इस दौरान कंपनी का मुनाफा (PAT - प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) 154% तक बढ़ गया। वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने के लिए कंपनी लगभग ₹16 करोड़ का इस्तेमाल करेगी। यानी कंपनी अपने रोजमर्रा के खर्च, प्रोजेक्ट्स और ऑपरेशंस के लिए इस रकम का इस्तेमाल करेगी। जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी कंपनी इस फंड का यूज करेगी।


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