नई दिल्ली। यस बैंक में काफी समय से दिक्कतें चल रही थीं, लेकिन रिटेल निवेशक यानी छोटे निवेशकों इन्हें इगनोर किया। बाद में उनकी यह लापरवाही भारी पड़ी उनका हजारों करोड़ रुपये डूब गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगा रहे हैं, सजग रहें और हर छोटी बड़ी बात पर ध्यान दें। कयोंकि यह बातें आगे चलकर आपके फायदे या नुकसान का सबब बन जाती हैं। वित्तीय बाजार के जानकारों के अनुसार रिटेल निवेशकों ने यस बैंक संकट के मामले में 4 ऐसी बातों को इगनोर किया जो काफी गंभीर थी। ऐसे में अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो इन बातों पर ध्यान दें, जिससे आगे आपके निवेशक के साथ कोई हादसा न हो।
यस बैंक के निवेशकों की पहली गलती
यस बैंक हर तिमाही में अपने नॉन परफार्मिंग आसेट यानी एनपीए की जानकारी शेयर बाजार को दे रहा था। लेकिन कंपनी की तरफ से आरबीआई को बताए जा रहे एनपीए अलग थे। जैसे ही निवेशकों को यह बात पता चली कि यस बैंक एनपीए को लेकर दोहरी चाल चल रहा है, उसे सतर्क हो जाना चाहिए था।
यस बैंक के निवेशकों की दूसरी गलती
दूसरा संकेत तब मिल रहा था, जब आरबीआई ने यस बैंक से एनपीए को लेकर बैंक को स्थिति साफ करने को कहा। यह संकेत साफ था कि बैंक में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यह समय भी निवेशकों के सतर्क होने का था।
यस बैंक के निवेशकों की तीसरी गलती
तीसरा और बड़ा संकेत तब मिला यस बैंक के संस्थापक और सीईओ राना कपूर ने अपना पद छोड़ दिया। उस वक्त निवेशकों को अंदाजा लगाया कि अब सब ठीक हो जाएगा। लेकिन ऐसे मौकों पर अंदाजा लगाने की जगह कठौर फैसले लेने चाहिए। यहां पर भी काफी निवेशक चूके और नुकसान उठाया।
यस बैंक के निवेशकों की चौथी गलती
चौथी और अंतिम गलती निवेशकों ने तब की जब नए बने सीईओ रवनीत गिल ने बैंक में निवेश लाने की बात कही। लंदन के एक निवेशक का इस दौरान बयान आया कि उनको यस बैंक का लोगों पसंद है तो वह करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश यस बैंक में कर सकते हैं। ऐसी सतही बातों पर निवेशकों ने भरोसा किया और अंत में उनका पैसा डूबा।


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