Sovereign Gold Bond News: मोदी सरकार की गोल्ड बांड स्कीम के लिए साल में कई बार रिजर्व बैंक सॉवरेन गोल्ड बांड योजना लाती है। इस बार यह योजना 18 दिसंबर से लेकर 22 दिसंबर 2023 तक खुल रही है। इस स्कीम के तहत 24 कैरेट यानी शुद्ध गोल्ड खरीदा जा सकता है। वहीं अगर सॉवरेन गोल्ड बांड में पेमेंटऑन लाइन किया जाए तो सोना खरीदने पर छूट भी दी जाती है।
सॉवरेन गोल्ड बांड के तहत कल से निवेश शुरू हो जाएगा। यहां पर एक ग्राम से लेकर 4 किलो तक सोना खरीदा जा सकता है। इस बार सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेट 6,199 रुपये प्रति ग्राम तय किया है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना 2023-24 सीरीज-3 निवेश कल सुबह से शुरू हो जाएगा।

हालांकि आरबीआई ने गोल्ड बांड में निवेश के लिए 6199 रुपये प्रति ग्राम का रेट तय किया है। लेकिन अगर कोई ऑनलाइन गोल्ड बांड खरीदेगा और ऑनलाइन ही पेमेंट करेगा, तो उसे 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट भी दी जाएगी। इस बार रेट 6,199 रुपये प्रति ग्राम तय किया है। ऐसे में अगर ऑनलाइन पेमेंट किया जाए तो 6,149 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से गोल्ड बांड खरीदा जा सकता है।
मोदी सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना की शुरुआत की थी। सरकार की सोच थी कि लोग फिजिकल गोल्ड यानी बाजार से सोना खरीदने की जगह ऑनलाइन 24 कैरेट गोल्ड पर तरफ ज्यादा ध्यान देंगे। योजना काफी सफल साबित हुई है। इस स्कीम में निवेश पर 3 सबसे बड़ फायदे मिलते हैं। पहला है इन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना से पूरी कमाई टैक्स होना। दूसरा है सस्ते में सोना मिलना। अंतिम और तीसरा फायदा है कि निवेश पर हर साल 2.50 फीसदी का ब्याज मिलना।
कैसे कर सकते हैं सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश ऑनलाइन और अन्य तरीके से किया जा सकता है। शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों के अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL), चुनिंदा डाकघरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (बीएसई) के माध्यम से गोल्ड बांड को खरीदा जा सकता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में कितना खरीद सकते हैं सोना
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। इसमें हिन्दू अविभाजित परिवारों, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों, धर्मार्थ संस्थाओं को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश की छूट होगी। इस योजना के तहत न्यूनतम 1 ग्राम सोने में निवेश किया जा सकता है। वहीं अधिकतम निवेश की सीमा 4 किलोग्राम सोने तक की है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में कितने समय के लिए करना होता है निवेश
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश 8 साल तक के लिए करना होता है। 8 साल के बाद यह गोल्ड बांड पूरा होता है। इसके बाद बाजार दाम पर सोने के रेट के हिसाब से पैसा वापस किया जाता है। हालांकि निवेशकों के पास 5 साल के बाद भी अपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) को बेचने की छूट होती है।
सस्ते में कैसे होता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए निवेश
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश अगर ऑनलाइन किया जाए तो छूट मिलती है। भुगतान डिजिटल तरीक से करने पर गोल्ड बाॉन्ड के तय रेट से 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट दी जाएगी।
निवेश पर हर साल ब्याज
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने पर हर साल ब्याज दिया जाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में जो भी पैसा निवेश किया जाएगा, उस पर हर साल 2.50 प्रतिशत ब्याज दिया जाता है। ब्याज का भुगतान साल में दो बार किया जाता है। अगर कोई 1 लाख रुपये का निवेश सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में करेगा तो उसे हर साल 2500 रुपये ब्याज के रूप में दिया जाएगा। निवेशक अगर चाहे तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को लोन के लिए कोलैटरल के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
टैक्स फ्री होती है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से कमाई
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के बाद अगर पैसा स्कीम पूरी होने के बाद लिया जाता है, तो वह पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है। गोल्ड बांड 8 साल के लिए होता है, यानी इसके बाद पैसा लिया तो वह पूरी तरह से टैक्स फ्री होगा। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 (1961 का 43) के प्रोविजन के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर केवल ब्याज टैक्सेबल होगा। गोल्ड बांड के रिडेम्पशन से मिला पैसा पूरी तरह से कैपिटल गेन टैक्स नियम के तहत आता है और पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है।


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