नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते देश में निवेश के मौके बहुत ही कम रहे गए हैं। यही कारण हैं कि म्यूचुअल फंड स्कीमों का रिटर्न काफी कम हो गया है। वैसे सच तो यह है कि 1 साल का रिटर्न ज्यादातर म्यूचुअल फंड स्कीमों का निगेटिव हो गया है। ऐसे में इंटरनेशनल इक्विटी म्यूचुअल फंड बड़ी उम्मीद जगा रहे हैं। इन फंड का 1 साल का जहां रिटर्न अच्छा वहीं रही हैं, वहीं 2 और 3 साल का रिटर्न भी अच्छा रहा है। ऐसे में यह निवेश का एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
कहां निवेश करते हैं यह फंड
इंटरनेशनल इक्विटी म्यूचुअल फंड अपना पैसा विदेशी शेयर बाजार में लिस्ट अच्छी कंपनियों में पैसे का निवेश करते हैं। इनमें गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों का एक एक शेयर इतना महंगा है कि यह 1000 रुपये से ज्यादा का है। ऐसे में म्यूचुअल फंड कंपनियों की इंटरनेशनल स्कीम के माध्यम से अगर पैसा लगाया जाए, तो इन ग्लोबल कंपनियों में निवेश हो सकता है। इन फंड में निवेश का एक फायदा यह भी होता है कि अगर किसी देश में दिक्कत आती है, तो अन्य देश के अच्छे से उसकी कमी को पूरा किया जा सकता है। क्योंकि यह फंड कई देशों की अच्छी कंपनियों में निवेश करते हैं। वाइज फिनसर्व के सीआईओ अजय कुमार यादव के अनुसार कोरोना महामारी के दौर में यह फंड निवेश का एक अच्छा माध्यम हो सकते हैं।
फ्रैंकलिन इंडिया फीडर, फ्रैंकलिन यूएस ऑपर्च्यूनिटी फंड
एक साल का रिटर्न 23.40 फीसदी
दो साल का रिटर्न 20.22 फीसदी
तीन साल का रिटर्न 13.65 फीसदी
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल यूएस ब्लूचिप इक्विटी
एक साल का रिटर्न 12.91 फीसदी
दो साल का रिटर्न 14.67 फीसदी
तीन साल का रिटर्न 11.37
एडलवाइस ग्रेटर चीन इक्विटी ऑफशोर फंड
एक साल का रिटर्न 29.28 फीसदी
दो साल का रिटर्न 19.04 फीसदी
तीन साल का रिटर्न 10.49
डीएसपी यूएस फ्लेक्सिबल इक्विटी फंड
एक साल का रिटर्न 5.86 फीसदी
दो साल का रिटर्न 9.99 फीसदी
तीन साल का रिटर्न 8.84
नोट: म्यूचुअल फंड्स का यह रिटर्न 14 मई, 2020 की एनएवी के आधार पर निकाला गया है।
नोट : कृपया निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर करें।


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