नई दिल्ली, अगस्त 28। बीमा नियामक प्रधिकरण बीमा एजेंट को मिलने वाले कमीशन पर कैंची चलाने जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो देश के लाखों बीमा एजेंट्स की कमाई कम हो जाएगी। बीमा एजेंट की पूरी कमाई ही यही कमीशन होता है, जो बीमा की पहली किस्त का काफी बड़ा हिस्सा होता है। अब इसी पर कैंची चलाने की तैयारी है। आइये जानते हैं कि क्या है यह तैयारी।
20 फीसदी कमीशन की तय हो सकती है सीमा
बीमा नियामक प्राधिकरण बीमा एजेंट का कमीशन 20 फीसदी तय करना चाहता है। इस बारे में बीमा नियामक ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसके बाद ड्राफ्ट कंसल्टेशन पेपर जारी किया गया है। इस पर संबंधित पक्षों के सुझाव मिलने के बाद फाइनल प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। अगर इस फाइनल प्रस्ताव को बीमा नियामक स्वीकर कर लेता है तो बीमा एजेंट का कमीशन अधिकतम 20 फीसदी तय हो सकता है।
किन बीमा पॉलसियों के लिए है यह प्रस्ताव
बीमा एजेंट का कमीशन घटाने का यह प्रस्ताव जनरल एंड स्टैंडएलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के ग्रास प्रीमियम पर लागू होगा। अभी तक बीमा नियामक ने एक्सपेंस ऑफ मैनेजमेंट के लिए 20 फीसदी की सीमा तय कर रखी है। अब इसे घटाकर 20 फीसदी किया जाने वाला है।
14 सितंबर 2022 तक दिए जा सकते हैं सुझाव
बीमा नियामक के इस प्रस्वाव पर कोई भी सुझाव दे सकता है। सुझाव देने के लिए समय सीमा 14 सितंबर 2022 की तय की गई है। अगर कोई सुझाव देना चाहता है तो उसे sumandeep.ghosh@irdai.gov.in पर भेजना होगा। इसके अलावा अपने सुझाव की एक कापी uma@irdai.gov.in पर भी भेजना होगी।
बीमा नियामक ऐसा क्यों कर रहा
बीमा नियामक का कहना है कि उसे बीमा क्षेत्र के नियमों में सुधार के लिए ढेर सारे सुझाव मिले थे। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया है। बीमा नियामक का मानना है कि नए कदमों से बीमा कंपनियों में नए बिजनेस, मॉडल्स, प्रोडक्ट और रणनीति में बदलाव दिखेगा। इसी के अलावा बीमा कंपनियों को अपने खर्च पर नियंत्रण रखने में आसानी होगी।


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