Game of Growth: DeepTech की दुनिया में कैसे बनी ग्लोबल पहचान? Azooka Labs की Inspiring Story जगा देगा जोश

Journey of Startup Azooka labs: भारत की बायोटेक दुनिया में अपना अलग मुकाम बनाने वाली अजूका लैब्स की संस्थापक डॉ. फातिमा बेनजीर ने अपने सफर और विजन को गुडरिटर्न्स के साथ साझा किया है। डॉ. फातिमा बेनजीर की कहानी काफी दिलचस्प और मोटिवेशनल है। आज इस दिलचस्प कहानी को जानेंगे कि डॉ. फातिमा बेनजीर साइंटिस्ट से एक एंटरप्रेन्योर कैसे बन गई? सवाल ये भी है कि DeepTech की दुनिया में Azooka labs कैसे बनी ग्लोबल पहचान?

Journey of Startup Azooka labs

इस विजन के साथ हुई कंपनी की शुरुआत

उनका कहना है कि अजूका लैब्स की शुरुआत प्रीमियम मॉलिक्यूलर बायोलॉजी प्रोडक्ट्स को भारत में विकसित करने के विजन के साथ हुई और अब कंपनी कंज्यूमर जीनोमिक्स व पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना चाहती है।

Journey of Startup Azooka labs

एक्सीडेंटली बनी एंटरप्रेन्योर

डॉ. फातिमा ने बताया कि वह बेसिकली एक वैज्ञानिक थीं और उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) में उनका कदम एक्सीडेंटल था। उनके स्कूल के दोस्त और सह-संस्थापक एलेक्स ने उन्हें यह समझाया कि रिसर्च को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय प्रोडक्ट में बदलना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने पहला प्रोडक्ट टिंटो रंग बनाया, जो एक फूड-ग्रेड सुरक्षित डाई है और DNA और RNA से बाइंड होकर RT-PCR में यूज की जाती है। यह पहले की कैंसरकारी (Carcinogenic) केमिकल्स का सुरक्षित ऑप्शन है।

शून्य से अबतक का सफर

डॉ. फातिमा ने बताया कि कोविड-19 से पहले देश में मॉलिक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स की पहुंच केवल 12% थी, लेकिन महामारी के दौरान यह तेजी से बढ़कर 80% तक पहुंच गई। डॉ. फातिमा और उनकी टीम ने तीन महीने से भी कम समय में शून्य से लाखों यूनिट्स तैयार कर देशभर में तैनात कर दिए, जो काफी सराहनीय है।

Journey of Startup Azooka labs

महिला वैज्ञानिक के रूप में उद्यमिता की राह आसान नहीं

फातिमा बताती हैं कि एक महिला वैज्ञानिक (Scientist) के रूप में उद्यमिता (Entrepreneurship) की राह आसान नहीं थी। परिवार को मनाना, समाज से लड़ना और निवेशकों को समझाना सबसे बड़ी चुनौतियां थीं। ग्राहक भी शुरू में भारतीय प्रोडक्ट की बजाय जर्मन या अमेरिकी ब्रांड को प्राथमिकता देते थे। लेकिन प्रोडक्ट आजमाने के बाद कई ग्राहक अजूका के साथ जुड़ने लगे हैं। उनका मानना है कि भारत में बायोटेक क्षेत्र में इनोवेशन की बड़ी संभावना है, लेकिन जोखिम पूंजी और लंबे जेसटेशन पीरियड के कारण निवेशक हिचकते हैं।

कंपनी का मिशन और विजन

डॉ. फातिमा को कई नेशनल अवार्ड मिल चुके हैं, जिनमें कोविड-19 सैंपल कलेक्शन किट के लिए टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड का सम्मान उनके दिल के सबसे करीब है। उनका कहना है कि यह सम्मान उनके रिसर्च को एक संकट के समय वास्तविक प्रभाव वाले प्रोडक्ट में बदलने का प्रमाण है। अजूका लैब्स का अगला लक्ष्य वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता जीनोमिक्स और पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर के क्षेत्र में लीडिंग बनना है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+