Infosys News: देश की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस को लेकर बड़ी खबर आ रही है. कंपनी ने कथित तौर पर अपने मैसूरु कैंपस में लगभग 400 ट्रेनीज को नौकरी से निकाल रही है. दरअसल, ये ट्रेनी तीन बार इवैल्युएशन टेस्ट देने के बाद भी पास नहीं हो पाए. बता दें कि यह ग्रुप अक्टूबर 2024 में ऑनबोर्ड होने वाले कुल ट्रेनी के करीब आधे लोग हैं. लेकिन टेस्ट पास न कर पाने के बाद आईटी कंपनी ने ये कड़ा फैसला 2 साल और 6 महीने के लंबे समय के बाद लिया.
ऑनबोर्डिंग प्रोसेस का हिस्सा है टेस्ट
इंफोसिस ने इस मामले पर बयान भी जारी किया है. इसके मुताबिक टेस्ट में शामिल होने वाले ट्रेनीज की हायरिंग प्रोसेस सख्त है. फ्रेशर्स को मैसूरु कैंपस में फाउंडेशनल ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है और उन्हें इंटरनल इवैल्युएशन टेस्ट पास करना होता है. उनके पास इस टेस्ट को पास करने के तीन मौके होते हैं. इसे पास न कर पाने की स्थिति में वे कंपनी के साथ बने नहीं रह सकते. यह पॉलिसी 20 सालों से लागू है.
इंफोसिस स्टॉक में करेक्शन
बीएसई पर इंफोसिस के शेयरों में कमजोरी देखने को मिल रही है. स्टॉक करीब आधे फीसदी की कमजोरी के साथ 1906 रुपए के पास फिसल गया है. जबकि 13 दिसंबर को ही स्टॉक ने 2006 रुपए का हाई टच किया, जोकि 52-वीक हाई लेवल भी है. करीब 7.90 लाख करोड़ रुपए की मार्केट कैप वाली कंपनी का शेयर 1 साल में केवल 12 फीसदी ही उछला है.
टेंशन के मारे हुए बेहोश
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेनीज को लगभग 50 के ग्रुप में "म्यूचुअल सेपेरेशन" लेटर पर साइन करने के लिए बुलाया जा रहा है. एक ट्रेनी ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षण उन्हें फेल करने के लिए डिज़ाइन किए गए थे. इसमें कई ट्रेनी अपने अनिश्चित भविष्य के बारे में टेंशन की वजह से बेहोश हो गए हैं.

नवजात सूचना प्रौद्योगिकी कर्मचारी सीनेट (NITES) श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के पास शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रही है. वे इंफोसिस के खिलाफ तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. NITES के हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा, "इस खुलेआम कॉर्पोरेट शोषण को जारी रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. हम सरकार से भारतीय आईटी कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान को बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह करते हैं."
सुरक्षा उपाय और कंपनी का बयान
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेनीज को मोबाइल फोन ले जाने से रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था. हालांकि, इंफोसिस ने स्पष्ट किया कि बाउंसरों का नहीं लगाया गया. ट्रेनी को शाम 6 बजे तक परिसर छोड़ने के निर्देश दिए गए. बता दें कि पीड़ित ट्रेनी को सिस्टम इंजीनियर (एसई) और डिजिटल स्पेशलिस्ट इंजीनियर (डीएसई) के पोस्ट पर गायर किया गया था.
2022 में ऑफर लेटर वापस भेजे गए, लेकिन मंदी की आशंका और खर्च में कमी के वजह से इंडस्ट्री-वाइज भर्ती में धीमेपन के कारण ऑनबोर्डिंग में देरी हुई. 3 सितंबर को, इंफोसिस ने 2022 के कैंपस हायर से लगभग 1,000 फ्रेशर्स को ज्वाइनिंग डेट भेजी, जबकि पहले भी इसी तरह के लेटर जारी किए गए थे.
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