Infosys Share Price: शेयर बाजार में कारोबारी सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को मार्केट की शुरुआत हरे निशान के साथ हुई। बाजार के दोनों बेंचमार्क तेजी के साथ ट्रेड कर रहे हैं। आज कारोबारी शेसन में आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस के शेयर फोकस में बने हुए हैं।

आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों में से एक इंफोसिस आने वाले दिनों में अपने निवेशकों को बड़ा तोहफा दे सकती है। कंपनी ने 11 सितंबर को बोर्ड मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में सबसे अहम मुद्दा शेयर बायबैक का होगा। इस खबर ने निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
आज कंपनी के शेयरों की ऐसी है चाल
आज कारोबारी शेसन में इंफोसिस के शेयर 3.85% तक की तेजी के साथ 1487 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। पिछले ट्रेडिंग सत्र पर नजर डालें तो कंपनी का शेयर 1432 रुपए पर क्लोज हुआ था। कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक हाई अपना 2006 रुपए दिसंबर 2024 में टच किया था। वहीं, कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक लो 1307 रुपए अप्रैल 2025 में टच किया था। कंपनी की मार्केट कैप 6,18,315.70 करोड़ रुपए है।
क्या है शेयर बायबैक?
शेयर बायबैक एक प्रक्रिया है, जिसमें कंपनी बाजार से अपने ही शेयर दोबारा खरीदती है। ऐसा करने से खुले बाजार में शेयरों की संख्या कम हो जाती है। जब सप्लाई घटती है, तो अक्सर शेयर की कीमतों पर पॉजिटिव असर पड़ता है। यह तरीका कंपनी अपने मजबूत वित्तीय हालात और निवेशकों को भरोसा देने के लिए अपनाती है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
निवेशकों के लिए बायबैक किसी बोनस से कम नहीं माना जाता। कंपनी जब शेयर वापस खरीदती है, तो इससे स्टॉक की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में लंबे समय से शेयर होल्ड करने वाले निवेशकों को अच्छा फायदा हो सकता है। यही वजह है कि इंफोसिस की आने वाली मीटिंग को लेकर बाजार में उत्साह देखने को मिल रहा है।
पिछली बार भी मिला था फायदा
यह पहली बार नहीं है जब इंफोसिस बायबैक पर विचार कर रही है। इससे पहले भी कंपनी ने कई बार बड़े स्तर पर अपने शेयर खरीदे हैं। पिछली बार बायबैक के ऐलान के बाद कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी। इतिहास को देखते हुए इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि निवेशकों को मजबूत रिटर्न मिल सकता है।
बाजार में हलचल
11 सितंबर की मीटिंग से पहले ही इंफोसिस के शेयरों में हलचल बढ़ गई है। छोटे निवेशक हों या बड़े संस्थागत निवेशक, सभी इस फैसले पर नजर गड़ाए बैठे हैं। अगर बोर्ड से हरी झंडी मिलती है, तो स्टॉक में तेजी आने की संभावना है। वहीं, अगर उम्मीदों के मुताबिक फैसला नहीं हुआ, तो थोड़ी गिरावट भी देखी जा सकती है।
आईटी सेक्टर पर असर
इंफोसिस का बायबैक फैसला सिर्फ उसके शेयरधारकों तक सीमित नहीं रहेगा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका असर पूरे आईटी सेक्टर पर पड़ सकता है। जब कोई बड़ी कंपनी ऐसा कदम उठाती है, तो अक्सर दूसरी कंपनियां भी इसी तरह के फैसलों पर विचार करती हैं।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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