नयी दिल्ली। भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक इंफोसिस ने अपने जनवरी-मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजे पेश कर दिये हैं। कंपनी ने जनवरी-मार्च तिमाही में 5076 करोड़ रु का मुनाफा कमाया है। इसका मुनाफा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के मुकाबले 1.5 फीसदी घटा है। हालांकि कंपनी की इनकम में बढ़ी है। तिमाही दर तिमाही आधार पर इंफोसिस की इनकम 1.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 26,311 करोड़ रु रही। कॉन्सटेंट करेंसी में कंपनी की इनकम में 2 फीसदी और डॉलर टर्म्स में 2.8 फीसदी का इजाफा हुआ।

कितनी रही डॉलर इनकम
इंफोसिस की डॉलर इनकम 361.3 करोड़ डॉलर रही, जो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 351.6 करोड़ डॉलर रही थी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 में 1 लाख करोड़ रु से अधिक इनकम हासिल की। पूरे वित्त वर्ष में इसका मुनाफा 16.6 फीसदी बढ़ कर 19351 करोड़ रु और इनकम 10.7 फीसदी बढ़ कर 100472 करोड़ रु रही। साल में ऑपरेटिंग प्रोफिट 27.1 प्रतिशत बढ़ कर 24,622 करोड़ रुपये हो गया। वहीं इसका प्रोफिट मार्जिन 3.20 फीसदी बढ़ कर 24.5 प्रतिशत हो गया।
किया बायबैक का ऐलान
इंफोसिस के बोर्ड ने 9200 करोड़ रु के शेयर बायबैक का भी ऐलान किया है। बायबैक के लिए 1750 रु प्रति शेयर का रेट तय किया गया है। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी ने कहा कि इसके बोर्ड ने 9,200 करोड़ रुपये तक के शेयर बायबैक को मंजूरी दे दी। बता दें कि जब कोई कंपनी अपने ही शेयर शेयरधारकों से वापस खरीदती है तो इसे बायबैक कहते हैं। बायबैक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन शेयरों का वजूद समाप्त हो जाता है। शेयर बायबैक के जरिये कंपनी अपने अतिरिक्त नकदी का इस्तेमाल करती है। साथ ही कई बार कंपनी को लगता है कि उसके शेयर की कीमत कम यानी अंडरवैल्यूड है, तो वह बायबैक के जरिये उसे बढ़ाने की कोशिश करती है।


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