इन्फोसिस ने आज कहा कि शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ व्हिसलब्लोअर की शिकायतों पर अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है। इन्फोसिस की ओर से यह बयान आने के बाद सोमवार को कंपनी के शेयरों में 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई। बता दें कि व्हिसलब्लोअर ने इन्फोसिस के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि कंपनी ने अपना मुनाफा और आमदनी बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाए हैं।

2 नवंबर को कंपनी की ओर से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजे गए एक लेटर में कंपनी ने कहा कि अज्ञात कर्मचारियों की ओर से आई शिकायतों पर अभी भी जांच चल रही है लेकिन अभी तक कंपनी इन शिकायतों की विश्वसनीयता और आधार पर टिप्पणी करने के हालात में नहीं है। कंपनी को इन शिकायतों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। कंपनी ने बताया कि पिछले महीने यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने इन व्हिसलब्लोअर्स की शिकायतों पर जांच शुरू की थी।
आपको बता दें कि व्हिसलब्लोअर के आरोप का कोई सबूत नहीं मिलने से सोमवार के कारोबार में इन्फोसिस का शेयर 6 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया। बीएसई पर इंफोसिस का शेयर 6.47 फीसदी की उछाल के साथ 732.50 रुपए पर पहुंच गया।
जानकारी हो कि कंपनी में काम करने वाले कुछ गुमनाम कर्मचारियों ने 17 सितंबर को बोर्ड को एक खत लिखा था, जिसमें कंपनी के सीईओ सलिल पारेख और सीएफओ निलंजन रॉय के खिलाफ पिछली दो तिमाहियों (अप्रैल-सितंबर) में प्रबंधन और अकाउंटिंग में कई तरह की गड़बडि़यां करने का आरोप लगाया था। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने शॉर्ट टर्म प्रॉफिट बढ़ा हुआ दिखाने और खर्चों को कम दिखाने के लिए अनियमतिताएं की थीं। बोर्ड से कोई जवाब न आने पर व्हिसलब्लोअर्स ने 3 अक्टूबर को यूएस के व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन प्रोग्राम के पास खत भेजा।
बता दें कि कंपनी की मैनेजमेंट ने कहा कि मामले की जांच कंपनी की ऑडिटिंग टीम कर रही है। हालांकि, 23 अक्टूबर को यह भी खबर आई थी कि यह मामला सेबी के पास भी जा सकता है।


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