नई दिल्ली, अप्रैल 14। अगर आप बहुत जल्द तगड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी ऐसा मौका दे रहा है। आपको कुछ ही दिन में 25 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। दरअसल चौथी तिमाही के नतीजों से पहले इंफोसिस के बोर्ड की आज अहम बैठक थी। इस बैठक में बोर्ड ने 1750 रुपए प्रति शेयर बायबैक करने की मंजूरी दे दी गयी है। 13 अप्रैल को इंफोसिस के शेयरों के बंदभाव के मुकाबले यह 25 फीसदी ज्यादा है। 13 अप्रैल को कंपनी के शेयर 1402 रुपए पर बंद हुए थे। 14 अप्रैल को भीमराव अंबेडकर की जयंति के मौके पर बाजार बंद है।
क्या होता है बायबैक
कोई कंपनी जब अपने ही शेयर शेयरधारकों से खरीदती है तो इसे बायबैक कहते हैं। इसे आईपीओ का उलट भी माना जाता है, क्योंकि कोई कंपनी आईपीओ में शेयर बेचती है। बायबैक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन शेयरों का वजूद समाप्त हो जाता है। बायबैक के लिए कंपनियाँ टेंडर ऑफर या ओपन मार्केट का रास्ता चुनती हैं। कोई भी कंपनी कई कारणों से बायबैक करती है।
इन वजहों से किया जाता है बायबैक
इनमें सबसे अहम कारण कंपनी की बैलेंस शीट में अतिरिक्त नकदी का होना है। किसी कंपनी के पास बहुत ज्यादा नकदी का होना अच्छा नहीं माना जाता। इससे माना जाता है कि कंपनी अपनी नकदी का उपयोग नहीं कर पा रही है। शेयर बायबैक के जरिये कंपनी अपने अतिरिक्त नकदी का इस्तेमाल करती है। साथ ही कई बार कंपनी को लगता है कि उसके शेयर की कीमत कम यानी अंडरवैल्यूड है, तो वह बायबैक के जरिये उसे बढ़ाने की कोशिश करती है।
1 साल में रिटर्न
पिछले 1 साल में इंफोसिस के शेयर ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। 13 अप्रैल 2020 को यह 637.1 रु पर था, जबकि कल यानी 13 अप्रैल 2021 को इंफोसिस का शेयर 1398.6 रु पर बंद हुआ। यानी निवेशकों को एक साल में 105.5 फीसदी का रिटर्न मिला। इंफोसिस ने एक साल में निवेशकों का पैसा दोगुने से अधिक कर दिया है।
6 महीने में कितना मुनाफा
इंफोसिस के शेयर ने 6 महीनों में भी अच्छा रिटर्न दिया है। 6 महीने पहले कंपनी का शेयर 158 रु पर था। जबकि इस समय 1398.6 रु पर है। इस तरह इंफोसिस के निवेशकों को 6 महीनों में 20.77 फीसदी रिटर्न मिला है। मौजूदा भाव पर कंपनी का मार्केट कैपिटल 5,95,896.03 करोड़ रु है।
इंफोसिस के वित्तीय नतीजे
इंफोसिस ने अपने जनवरी-मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिये हैं। कंपनी ने जनवरी-मार्च तिमाही में 5076 करोड़ रु का मुनाफा कमाया। इसका मुनाफा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के मुकाबले 1.5 फीसदी घट गया। कंपनी की इनकम में बढ़ी है। तिमाही दर तिमाही आधार पर इंफोसिस की इनकम 1.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 26,311 करोड़ रु रही। कॉन्सटेंट करेंसी में कंपनी की इनकम में 2 फीसदी और डॉलर टर्म्स में 2.8 फीसदी का इजाफा हुआ। इंफोसिस की डॉलर इनकम 361.3 करोड़ डॉलर रही, जो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 351.6 करोड़ डॉलर रही थी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 में 1 लाख करोड़ रु से अधिक इनकम हासिल की।
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