Infosys Co-Founder Narayana Murthy: इंफोसिस के सह-संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति का मानना है कि भारत चीन की अर्थव्यवस्था को कड़ी टक्कर दे सकता है। हालांकि, उनका कहना है कि यह राह आसान नहीं होगी। इसके लिए देश के हर नागरिक, नौकरशाह और कॉर्पोरेट लीडर को 'असाधारण विचारों और कार्यों' के साथ उच्च मानक स्थापित करने होंगे।
मूर्ति ने 'रिपब्लिक टीवी' को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि भारत ने अभी तक 'अच्छी गति' से प्रगति की है, लेकिन चीन के बराबर पहुंचने के लिए असाधारण प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक प्रयास जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि देश में असाधारण विचार हों और उन्हें हर नागरिक, नौकरशाह और कॉर्पोरेट लीडर द्वारा "हर पहलू में असाधारण कार्यों" का समर्थन मिले, तो चीन का मुकाबला करना संभव हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक आसान काम नहीं होगा और इसके लिए बहुत मेहनत करनी होगी।
मूर्ति ने फिर की हफ्ते में 72 घंटे काम करने का वकालत
इस बीच उन्होंने एक बार फिर से दिन में 12 घंटे और हफ्ते में 6 दिन यानी 72 घंटे काम करने की वकालत की है। इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने एक बार फिर लंबे कामकाजी घंटों की वकालत करते हुए उन्होंने चीन के उदाहरण का हवाला दिया है, जिसमें वहां प्रचलित '9-9-6' नियम का जिक्र किया गया है।

79 वर्षीय अरबपति मूर्ति ने चीनी कंपनियों में प्रचलित '9-9-6' नियम का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत के युवाओं के लिए एक मॉडल हो सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत में कार्य-जीवन संतुलन को लेकर बहस चल रही है।
क्या है '9-9-6' नियम?
'9-9-6' नियम चीन की कुछ टेक कंपनियों में अपनाई जाने वाली एक कार्यप्रणाली है। मूर्ति ने बताया कि काठमांडू के कुछ वरिष्ठ और मध्यम स्तर के कर्मचारी चीनी शहरों में रुककर वास्तविक चीन को समझने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा, "वहां एक कहावत है: '9, 9, 6' जिसका अर्थ है कि कर्मचारियों को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, हफ्ते में 6 दिन काम करना होता है।" इस प्रकार, कर्मचारी हफ्ते में कुल 72 घंटे काम करते हैं।
रिपब्लिक टीवी को दिए एक साक्षात्कार में मूर्ति ने कहा कि भारत के युवाओं को भी ऐसे ही लंबे कामकाजी घंटों को अपनाना चाहिए। इससे पहले, 2023 में भी उन्होंने कहा था कि देश के विकास के लिए भारतीयों को हफ़्ते में 70 घंटे काम करना चाहिए।
नियम से जुड़ी आलोचना और चीन का रुख
इस नियम की व्यापक रूप से आलोचना हुई है, क्योंकि इसे अत्यधिक थकाने वाला और तनावपूर्ण माना जाता है। इससे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और निजी जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वर्ष 2021 में, चीन के सुप्रीम कोर्ट ने '9-9-6' नियम को अवैध घोषित कर दिया था, हालांकि इसे कितनी सख्ती से लागू किया गया है, यह स्पष्ट नहीं है।
लोगों की प्रतिक्रिया
मूर्ति की इस टिप्पणी को सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है और नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उनकी बात पर सवाल उठाए हैं। एक एक्स (ट्विटर) यूज़र्स ने लिखा, "यूरोप में '10, 5, 5' कहा जाता है सुबह 10 से शाम 5 बजे तक, हफ़्ते में 5 दिन। वे घूमते हैं, दोस्तों से मिलते हैं और जीवन 'एंजॉय' करते हैं।" यह टिप्पणी मूर्ति के सुझाव के विपरीत कार्य-जीवन संतुलन के महत्व पर जोर देती है।
वहीं, एक अन्य यूज़र्स ने मूर्ति के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा, "क्या आप लोगों को घंटे के हिसाब से वेतन देंगे? नहीं। आप चाहते हैं कि लोग 24x7 काम करें ताकि आप अपने 9 महीने के पोते को 250 करोड़ रुपये के शेयर दे सकें, और कर्मचारी को सिर्फ 3.6 लाख सालाना मिलें।" एक और यूजर्स ने कहा, "लोगों से 72 घंटे काम करवाने से पहले, नौकरियां, वेतन और काम की बुनियादी स्थितियां ठीक कीजिए।"


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