नयी दिल्ली। देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक इंफोसिस ने अपने जनवरी-मार्च के फाइनेंशियल नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में 4321 करोड़ रुपये का मुनाफ हुआ है, जो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के मुकाबले 3.1 फीसदी कम है। इंफोसिस का मुनाफा घटने के पीछे जो कारण हैं उनमें कम अदर इनकम और पिछली तिमाही में मिला टैक्स बेनेफिट शामिल है। 31 दिसंबर 2019 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने आयकर रिफंड पर 242 करोड़ रुपये के नॉन-रिकरिंग प्रोफिट की जानकारी दी थी। हालांकि गिरावट के बावजूद इंफोसिस का मुनाफा जानकारों के अनुमान से ज्यादा रहा। अधिकतर जानकारों ने इंफोसिस के 4230 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था। अक्टूबर-दिसंबर के मुकाबले जनवरी-मार्च में इंफोसिस की आमदनी 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 23,267 करोड़ रुपये की रही, जिसके लिए 23450 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था।

निकट भविष्य में रहेंगी चुनौतियां
इंफोसिस के एमडी और सीईओ सलील पारेख ने कहा है कि 'करीबी अवधि में चुनौतियां रहेंगी। मगर आगे देखें तो साझेदारों के साथ मजबूती के साथ जमे रहने के अवसर हैं। मुझे उम्मीद है कि हम इससे मजबूती के साथ उभरेंगे।' इंफोसिस का डॉलर में प्रोफिट देखें तो यह 5.7 फीसदी की गिरावट के साथ 59 करोड़ डॉलर रह गया, जबकि इनकम 1.4 फीसदी लुढ़क कर 319.7 करोड़ डॉलर रह गई। वैसे कोरोनावायरस को देखते हुए इंफोसिस की तरफ से 2020-21 के लिए इनकम और मार्जिन पर कोई लक्षित आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
पूरे साल में हुआ 16,594 करोड़ रु का मुनाफा
पूरे वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इंफोसिस ने 90,791 करोड़ रुपये की आमदनी (जो 2018-19 के मुकाबले 9.8 फीसदी बढ़ी) पर 16,594 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जो 2018-19 के मुकाबले 7.7 प्रतिशत अधिक रहा। कंपनी ने जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान 1.65 अरब डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए, जो पूरे साल भर के लिए 9 अरब डॉलर के रहे। इंफोसिस की ऑपरेटिंग इनकम भी 2.7 फीसदी की गिरावट के साथ 4927 करोड़ रुपये रह गई।
कर्मचारियों को दिया झटका
इंफोसिस ने नतीजों की घोषणा के साथ ही अपने कर्मचारियों को एक झटका दिया है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों के प्रमोशन और वेतन बढ़ोतरी को रद्द कर दिया है। कंपनी ने ऐसा कोरोनावायरस के मद्देनजर किया, जिसके कारण देश के 500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि कंपनी सभी नए जॉब ऑफर को पूरा करेगी।
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