नयी दिल्ली। दो आईटी कंपनियों, इंफोसिस और विप्रो, ने अपने-अपने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। बता दें कि इंफोसिस और विप्रो क्रमश: भारत की दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनियां हैं। बात करें इंफोसिस की 2020 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 5215 करोड़ रु का मुनाफा कमाया, जो 2019 की समान तिमाही में रहे 4466 करोड़ रु के मुनाफे के मुकाबले 16.8 फीसदी अधिक है। कंपनी की आमदनी भी 12.3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 25,927 करोड़ रु रही। तिमाही आधार पर इंफोसिस की इनकम में 5.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

डिजिटल रेवेन्यू में हुई बढ़ोतरी
इंफोसिस ने कहा कि इसने 7.13 अरब डॉलर की बड़े डील्स साइन की हैं। इस बीच तिमाही के दौरान कंपनी का डिजिटल रेवेन्यू कुल रेवेन्यू में 50 फीसदी का आंकड़ा पार कर गया, जिसके नतीजे में कॉन्सटैंट करेंसी इनकम में साल दर साल आधार पर 31.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इंफोसिस के बोर्ड ने एक ऑस्ट्रेलियाई डिजाइन एजेंसी कार्टर डिजिटल की एसेट्स और कर्मचारियों को खरीदने के लिए समझौता करने की मंजूरी दी है।
विप्रो की इनकम और मुनाफा बढ़ा
विप्रो की इनकम और मुनाफे में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। विप्रो का मुनाफा साल दर साल आधार पर 2455.80 करोड़ रु से 20.8 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 2966.70 करोड़ रु रह। वहीं इसकी इनकम भी 15,470.50 करोड़ रु से 1.3 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी के साथ 15670 करोड़ रु रही। बता दें कि तिमाही दर तिमाही आधार पर आईटी सर्विस इनकम 14,768.1 करोड़ रु से 3.8 फीसदी बढ़ कर 15,333.1 करोड़ रु रही।
डॉलर में बढ़ी आईटी सर्विस इनकम
विप्रो की डॉलर में आईटी सर्विस इनकम भी बढ़ी है। तिमाही दर तिमाही आधार पर आईटी सर्विस डॉलर रेवेन्यू 199.24 करोड़ डॉलर से 3.7 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 207.1 करोड़ डॉलर हो गई। मार्च तिमाही के लिए विप्रो को 2,10.2-2,14.3 करोड़ डॉलर के दायरे में अपनी डॉलर इनकम रहने की उम्मीद है, जो दिसंबर तिमाही के मुकाबले 1.5-3.5 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।


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