Inflation : सब्जियों की कीमतों में इजाफा और अनुकूल आधार प्रभाव के कम होने से देश की प्रमुख खुदरा महंगाई दर में 4 महीने की गिरावट का सिलसिला अब टूट गया। सांख्यिकी मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक जून के महीने में मुद्रास्फीति दर 4.81 फीसदी हो गई है। मई ने खुदरा मुद्रास्फीति 4.31 फीसदी रही थी।
जबकि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) मुद्रास्फीति (महंगाई) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के 2 फीसदी से 6 फीसदी के सहनशीलता बैंड के अपने स्टे के को 4 महीने तक बढ़ा दिया है। अब यह निरंतर 45 महीने के आरबीआई के 4 फीसदी के मध्यम अवधि के टारगेट से ऊपर है।

हाई फूड की कीमतों ने जून के महीने में मुद्रास्फीति को बढ़ा दिया है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स का का कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स महीने दर महीने 2.5 फीसदी बढ़ गया। इसमें सब्जियों की कीमत सबसे आगे रही है। जिनका सूचकांक मई के महीने में 12.2 फीसदी उछला है।
हालांकि, सालाना आधार पर मुद्रास्फीति की दर -0.93 से यह पता चलता है कि जून 2022 की तुलना में सब्जियों की प्राइस कम थी।
वही, अन्य खाद्य पदार्थों में की भी प्राइस में महीने दर महीने के आधार पर वृद्धि दर्ज की गई। जिसमें मांस और मछली की बात करें तो फिर वो 3.8 फीसदी, अंडे 5.5 फीसदी, दालें 3.4 फीसदी और मसाले 2.3 फीसदी शामिल है।
भोजन के अलावा अन्य चीजों की प्राइस की गति स्लो रही है। जबकि कपड़े और जूते की बात करें तो फिर कपड़े और जूते का सूचकांक महीने दर महीने 4 फीसदी बढ़ा है।
इसके साथ ही विविध श्रेणी जिसमें घरेलू सामान और कुछ सेवाए भी शामिल है। इसमें भी वृद्धि हुई है। इसमें वृद्धि की बात करें तो फिर यह 0.3 फीसदी वृद्धि हुई। वही, फ्यूल और लाइट की बात करें तो फिर इसमें 1 फीसदी से कम की वृद्धि दर्ज की गई है।
वही, अगर हम आवास सूचकांक की बात करते है तो फिर आवास सूचकांक में 6 महीने में पहली बार क्रमिक रूप से गिरावट आई है।


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