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महंगाई की मार : आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम, जानिए कब मिलेगी राहत

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नयी दिल्ली। पिछले कुछ दिनों के अंदर सब्जियों की कीमतों में अचानक से तेजी देखने को मिली है। टमाटर 100 रु, आलू 50 रु और प्याज 40-50 रु प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसके अलावा अन्य सब्जियों के रेट भी काफी बढ़ गए हैं। स्थिति ये है कि फेरीवाले 40 रु किलो से कम के रेट पर कोई सब्जी नहीं बेच रहे। खास कर उत्तर भारत में सब्जियों के रेट काफी ऊपर पहुंच गए हैं। आइए जानते हैं क्या है सब्जियों के इतने रेट बढ़ने की वजह और कब तक मिल सकती है आम आदमी को राहत।

कहां से कहां पहुंचे रेट
 

कहां से कहां पहुंचे रेट

गौरतलब है कि पिछले करीब 2 हफ्तों में सब्जियों के रेट उत्तर भारत में अचानक से बढ़े हैं। कुछ सब्जियां इतनी महंगी हो गई हैं कि किसी निम्न आय वाले के लिए उन्हें खरीद पाना भी मुश्किल है। उदाहरण के लिए मटर 120 रु से महंगी होकर 150 रु प्रति किलो पहुंच गई है। वहीं बात फूलगोभी की करें तो ये 50 रु से 100 रु प्रति किलो के रेट पर पहुंच गई है। सामान्य आलू 20 रु से दोगुनी कीमत यानी 40 रु तक पर पहुंच गया है। हिमाचल के पहाड़ी आलू की कीमतों में भी 20 रु प्रति किलो का इजाफा देखा गया है। प्याज और टमाटर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में शामिल हैं। इन्हीं दोनों की कीमतों में काफी तेजी गई है। टमाटर तो कई जगह 100 रु तक पहुंच चुका है। प्याज के दाम बढ़ते देख सरकार ने इसकी सभी तरह की किस्मों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसलिए महंगी हुई सब्जियां

इसलिए महंगी हुई सब्जियां

एक रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश से सब्जियों की सप्लाई कम हुई है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार हिमाचल प्रदेश से सब्जी कम आ रही है, जिसकी वजह से सप्लाई कम हो गई है और कीमतें बढ़ रही हैं। दिल्ली जैसे शहरों में सब्जियां दूसरे राज्यों से ही आती हैं। सप्लाई में कमी आते ही दाम बढ़ने लगे। आपूर्ति कम है और सब्जी कई शहरों में भेजी जानी है। ऐसे में कीमतें बढ़ना स्वाभाविक है। हिमाचल से जो सब्जियां मंगाई जा रही हैं उनमें मटर और फूलगोभी शामिल हैं। मगर सप्लाई कीमतों को काबू रख पाने के लिए नाकाफी है। सब्जियों के दाम बढ़ने की एक वजह है मौसम।

कब तक मिल सकती है राहत
 

कब तक मिल सकती है राहत

जानकार बताते हैं कि खराब मौसम सप्लाई कम होने का बड़ा कारण है। खराब मौसम की वजह से सप्लाई पूरी नहीं हो पा रही है। दूसरी बात प्याज की कम सप्लाई की वजह है महाराष्ट्र में मॉनसून से होने वाला नुकसान। उधर नासिक में भी सप्लाई ठीक नहीं है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं। ट्रकों में कुछ स्टॉक सड़ भी गया है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि पंजाब और हरियाणा के किसानों की तरफ से स्पलाई दुरुस्त होगी तो कीमतें कम हो जाएंगी। एक अनुमान के अनुसार सब्जियों के दाम आने वाले 15-20 दिनों में सामान्य हो सकते हैं।

प्याज : सरकार को होने लगी चिंता, लगाई एक्सपोर्ट पर रोक

English summary

Inflation hit prices of vegetables have touched the sky know when you will get relief

The situation is that the hawkers are not selling any vegetables at a rate of less than Rs 40 per kg. Especially in North India, the rate of vegetables has reached very high.
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