नई दिल्ली, जुलाई 13। 18 जुलाई से कई घरेलू उपयोग की चीजें महंगी होने जा रही हैं। महंगाई की मार झेल रहे लोगों की जेब पर और बोझ बढ़ने वाला है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में पैक्ड दही-दूध को पहली बार जीएसटी के दायरे में शामिल किया गया। जरूरत की तमाम चीजों पर सरकार ने जीएसटी की दरें बढ़ा दी हैं। कुछ चीजों पर जीएसटी की दरें घटाई भी गई हैं। कई ऐसी चीजें वस्तुएं भी हैं, जिन पर पहली बार जीएसटी लगाने का फैसला किया गया है।
पहली बार पैक्ड दही, लस्सी जीएसटी के दायरे में
रेवेन्यू सेक्रेटरी तरुण बजाज ने कहा कि जीएसटी की नई दरें 18 जुलाई से लागू हो जाएंगी। इस बार की जीएसटी काउंसिल की बैठक में पैक वाले दही, लस्सी और बटर मिल्क पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला किया गया। यह पहली बार है, जब सरकार ने पैक्ड दही, लस्सी और बटर मिल्क को जीएसटी के दायरे में शामिल किया है।
महंगी हो सकती हैं ये वस्तुएं
सरकार ने पेपर, कैंची, ब्लेड, पेंसिल, शार्पनर, चम्मच, कांटे वाले चम्मच, स्किमर्स और केक-सर्वर्स आदि पर जीएसटी को बढ़ा दिया है. इस पर अब 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी वसूला जाएगा। पहले इन वस्तुओं को 12 प्रतिशत वाले स्लैब में रखा गया था. इसके साथ ही एलईडी लाइट्स और लैंप की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, और एटलस सहित मैप और चार्ज पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. इसके अलावा अस्पतालों में 5,000 रुपये (गैर-आईसीयू) से अधिक रेंट वाले रूम पर अब पांच फीसदी जीएसटी देना होगा. हॉस्पिटल में 5,000 रुपये (गैर-आईसीयू) से अधिक किराए वाले कमरे पर अब 5 फीसदी जीएसटी लगेगा.
जीएसटी दरें इन चीजों पर कम हुईं
जीएसटी काउंसिल ने रोपवे के जरिए यात्रियों और सामानों को लेकर आने-जाने पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा स्प्लिंट्स और बाकी फ्रैक्चर उपकरण, शरीर के कृत्रिम अंग, बॉडी इंप्लाट्स, इंट्रा ओक्यूलर लेंस इत्यादि पर भी जीएसटी की दरें कम हुई हैं, इन पर 18 जुलाई से 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।


Click it and Unblock the Notifications