Inflation: सितंबर महीने में रिटेल महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई है। सीपीआई अगस्त महीने के 6.83 फीसदी के मुकाबले सितंबर में 5.02 फीसदी रही है यानी सितंबर महीने में महंगाई दर में तेजी से गिरावट देखने को मिली है।
वही, इससे पहले जुलाई महीने में महंगाई दर 7.44 फीसदी थी, जो 15 महीने के उच्चतर स्तर था। वही, अगर हम औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की बात करें तो फिर यह अगस्त महीने में बढ़ा है।

सांख्यिकी मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, खाद्य महंगाई दर में भी सितंबर महीने में काफी गिरावट देखने को मिली है। सितंबर महीने में महंगाई दर गिरकर 6.56 फीसदी पर आ गई।
आरबीआई ने अक्टूबर की नीति में कहा कि सब्जियों की कीमतों में सुधार और एलपीजी की कीमतों में हालिया कमी के वजह से निकट अवधि के महंगाई नजरिए में सुधार होने की उम्मीद है।
आरबीआई की तरफ से कहा गया है कि फ्यूचर की गति कई कारकों पर निर्भर करेगी। आरबीआई के एंटरप्राइज सरवेस के मुताबिक, पिछली तिमाही की तुलना में मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को क्यू3 में उच्च इनपुट लागत दबाव लेकिन बिक्री कीमतों में मामूली कम वृद्धि की उम्मीद है।
सर्विसेज और इन्फ्रास्ट्रक्चर फर्म्स को इनपुट लागत और बिक्री कीमतों की वृद्धि में नरमी की उम्मीद है।
आईआईपी बढ़ा
गुरुवार 12 अक्टूबर को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में 5.7 फीसदी बढ़ने के बाद अगस्त में भारत का औद्योगिक उत्पादन सालाना आधार पर 10.3 फीसदी हो गया।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला फैक्ट्री आउटपुट अगस्त 2022 में 0.7 फीसदी कम हो गया था।
अगस्त 2023 में खनन उत्पादन 12.3 फीसदी बढ़ गया। वही, अगर हम मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट की बात करें तो फिर अगस्त 2023 में मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में 9.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
एक वर्ष पहले इसी महीने में 1.4 फीसदी की तेजी दर्ज करने के बाद इस वर्ष अगस्त के महीने में बिजली उत्पादन में 15.3 फीसदी की वृद्धि हुई। अप्रैल-अगस्त 2023 में आईआईपी 6.1 फीसदी बढ़ी, जबकि 2022-23 की समान अवधि में यह 7.7 फीसदी थी।
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