Indusind Bank: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने इंडसइंड बैंक के पूर्व CEO सुमंत कठपालिया समेत बैंक के 5 अधिकारियों पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप में कार्रवाई की है। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने इंटर्नली जानकारी का गलत फायदा उठाकर शेयर बाजार में लेनदेन किया।

सेबी के एक्शन के बाद आज गुरुवार को इंडसइंड बैंक के शेयरों में असर देखने को नहीं मिल रहा है। हालांकि, फिर भी बाजार में कंपनी के शेयर हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं।
सेबी के एक्शन के बाद शेयरों में नहीं दिख रहा असर
सेबी के एक्शन के बाद शेयरों में कोई भी असर देखने को नहीं मिल रहा है। बाजार खुलने बाद से ही इंडसइंड बैंक का शेयर हरे निशान के साथ कारोबार कर रहा है।
कंपनी का शेयर 1% की तेजी के साथ 814 रुपए पर कारोबार कर रहा है। पिछले कारोबारी सेशन पर नजर डालें तो कंपनी का शेयर 804.75 रुपए पर क्लोज हुआ था। कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक हाई अपना 1575 रुपए जून 2024 में टच किया था और कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक लो 605 रुपए मार्च 2025 में टच किया था। कंपनी की मार्केट कैप 63434 करोड़ रुपए है।
इंडसइंड बैंक ने अपनी बीएसई फ़ाईलिंग में कही ये बात
अंतरिम आदेश से इंडसइंड बैंक की फाइनेंशियल ऑपरेशन या दूसरी गतिविधियों पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल, GoodReturns के पूछे गए सवालों का बैंक ने जवाब देने से इनकार कर दिया है।
किन लोगों पर लगा है आरोप
सेबी ने इंडसइंड बैंक के पूर्व सीईओ सुमंत कठपालिया समेत पांच लोगों को सिक्योरिटी मार्केट से बैन कर दिया है। जिसमें लिस्ट में अरुण खुराना उस समय के डिप्टी सीईओ, सुशांत सौरव ट्रेजरी डिपार्टमेंट के प्रमुख, रोहन जथन्ना बैंक के GMG ऑपरेशन्स हेड और अनिल मार्को राव कंज्यूमर बैंकिंग ऑपरेशन्स के चीफ एडमिन ऑफिसर इनमें शामिल हैं।
इंटर्नली जानकारी का फायदा उठाने का आरोप
इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने बैंक से जुड़े ऐसे अहम फैसलों की जानकारी जो आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं थी, उसका फायदा उठाकर शेयर खरीदे-बेचे। यह जानकारी रिजर्व बैंक की ओर से बैंक पर दिए गए एक निर्देश से जुड़ी थी, जिससे बैंक की हालत पर असर पड़ा था।
सेबी ने जब्त की करोड़ों की रकम
सेबी की जांच में सामने आया कि इन पांचों लोगों ने उस समय लेनदेन किए जब आम निवेशकों को इन बातों की जानकारी नहीं थी। इससे इन लोगों को निजी फायदा हुआ। सेबी ने अब इनसे करीब 19.78 करोड़ रुपए की रकम वसूल ली है।
फिलहाल कोई लेनदेन नहीं कर पाएंगे
सेबी के आदेश के मुताबिक, इन अधिकारियों को अगली सूचना तक शेयर बाजार में किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त से दूर रहना होगा। न तो ये खुद लेनदेन कर सकते हैं और न ही किसी और के जरिए।
सेबी और RBI दोनों कर रहे हैं जांच
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने पहले ही इशारा किया था कि बैंक में हजारों करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी की जांच चल रही है। इस जांच में कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। सेबी शेयर बाजार से जुड़े नियमों की निगरानी कर रहा है, जबकि आरबीआई बैंकिंग पक्ष देख रहा है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. यह ब्रोकरेज की ओर से सलाह दी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)


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