
Import : साल 2023 में भारत के चीनी सामानों के आयात में वृद्धि जारी हैं, यह साल के पहले 4 महीने में 4.6 फीसदी बढ़कर 37.86 बिलियन डॉलर हो गया है।
चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के महीने में टू-वे बिजनेस वर्ष पहले की अवधि बढ़ा और यह 4.5 फीसदी बढ़कर 44.34 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था।
चीन को भारत का निर्यात भी बढ़ा, यह निर्यात 3.7 फीसदी बढ़ा, लेकिन फिर भी टू-वे बिजनेस का एक छोटा सा हिस्सा था।
वर्ष 2022 में चीन के साथ द्विपक्षीय बिजनेस रिकॉर्ड 135.98 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो भारत में आयत को 21 प्रतिशत की वृद्धि को प्रेरित था। पिछले वर्ष पहली बार व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर को पार कर गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विश्लेषकों की तरफ से कहा गया है कि चीनी समान के आयात में लगातार वृद्धि ने एक मिश्रित तस्वीर को पेश की है, भारतीय इंडस्ट्री के लिए एक जरूरी मध्यवर्ती वस्तुओं की डिमांड में वृद्धि को उजागर करती है।
हाल ही के सालों में चीन से भारत के आयात में एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स, केमिकल, इलेक्ट्रिसिटी और मैकेनिकल मशीनरी, ऑटो कंपोनेंट्स एंड मेडिकल सप्लाइज शामिल है।
साल के पहले 4 महीने में चीन का उसके सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार आसियान के साथ व्यापार भी बढ़ा है। चीन का उसके साथ व्यापार 5.6 फीसदी बढ़कर 304.63 बिलियन डॉलर हो गया।
यूरोपीय यूनियन (ईयू) और सयुक्त राज्य अमेरिका में साथ व्यापार चीन के दूसरे और तीसरे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं, हाल ही में जो चीन से दूर डी रिस्क आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरतों पर फोकस कर रहे हैं।
हालांकि, व्यापार में गिरावट देखी गई है। उनका व्यापार यूरोपीय संघ के साथ 3.5 फीसदी घटकर 262.53 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि अमेरिका के साथ उनका बिजनेस 11.2 फीसदी कम होकर 217.92 बिलियन डॉलर हो गया।


Click it and Unblock the Notifications