GST Collection: सितंबर 2025 में भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) का कलेक्शन बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी समय के मुकाबले 9.1% ज्यादा है। अगस्त में GST कलेक्शन 1.86 लाख करोड़ रुपए था, जो कि अगस्त 2024 के 1.75 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 6.5% ज्यादा रहा।

अप्रैल-अगस्त 2025 की कुल स्थिति
वित्त वर्ष की अप्रैल से अगस्त समय में GST का कुल कलेक्शन 10.04 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यह पिछले साल की इसी समय में 9.13 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले लगभग 9.9% का इजाफा दिखाता है। जुलाई में नेट GST कलेक्शन 1.68 लाख करोड़ रुपए रहा, जिसमें अधिक रिफंड भुगतान के कारण थोड़ी गिरावट आई थी।
GST में बड़े बदलाव: स्लैब कम किए गए
GST काउंसिल ने सितंबर में टैक्स ढांचे को आसान बनाने के लिए चार स्लैब को घटाकर केवल दो - 5% और 18% कर दिया। इस बदलाव से पहले 12% और 28% स्लैब में आने वाले उत्पाद अब नई दरों के अंतर्गत आएंगे। इस बदलाव का उद्देश्य कर प्रणाली को आसान बनाना और उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में राहत देना है।
हालांकि, कुछ उत्पाद उच्च टैक्स दर में रहेंगे, जिनमें पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, चबाने वाला तम्बाकू, ज़र्दा, असंसाधित तम्बाकू और बीड़ी शामिल हैं।
बदलाव की वजह और लागू होने की तारीख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के मौके पर GST सुधार को "दिवाली गिफ्ट" के रूप में पेश किया था। इसके बाद GST काउंसिल ने 3-4 सितंबर 2025 को प्रस्ताव को मंजूरी दी। नया GST ढांचा 22 सितंबर 2025 से लागू हो गया।
इस सुधार से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा मिलेगा। व्यापारियों के लिए रिटर्न फाइलिंग आसान होगी और उपभोक्ताओं को रोजमर्रा के सामान सस्ते मिलेंगे।
कारोबार और उपभोक्ताओं पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि नए स्लैब से छोटे और आम उपभोक्ता उत्पादों की कीमत में कमी आएगी, जिससे घरेलू मांग को भी बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय में यह सुधार भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को मजबूत करेगा और कर कलेक्शन को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा।
सरकार का यह कदम न केवल कर प्रणाली को ट्रांसपेरेंसी बनाएगा, बल्कि व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए प्रक्रिया आसान और लाभकारी होगी।


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