भारतीय शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिल सकता है। ट्रेडर्स के सामने ग्लोबल और घरेलू मोर्चे से मिले-जुले संकेत हैं। एक तरफ वॉल स्ट्रीट में आई जबरदस्त तेजी से बाजार का सेंटिमेंट सुधरा है, तो दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने शुरुआती बढ़त पर लगाम लगा दी है। दिशा साफ़ करने के लिए निवेशक अब GIFT Nifty के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
घरेलू बाजार की नजरें RBI के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले पर टिकी हैं। सेंट्रल बैंक ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा है, जो लंबी अवधि की वित्तीय स्थिरता पर उनके फोकस को दर्शाता है। आज बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयर रडार पर रहेंगे। जानकारों का मानना है कि बाजार खुलते ही अलग-अलग सेक्टर्स में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: बैंक और ऑटो शेयरों पर असर
सीजफायर की खबरों के बाद गिरे कच्चे तेल के दाम अब फिर से संभलने लगे हैं। कीमतों में आई इस रिकवरी से फ्यूल रिटेलर्स और एयरलाइंस कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। आमतौर पर तेल की कम कीमतें इन सेक्टर्स के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन अब ट्रेडर्स को बढ़ती लागत के हिसाब से तालमेल बिठाना होगा। इसके अलावा, एक्सपोर्टर्स के लिए आज रुपये की चाल भी काफी अहम रहने वाली है।
नैस्डैक (Nasdaq) के शानदार प्रदर्शन के बाद आईटी सेक्टर में अच्छी रौनक दिख सकती है। भारतीय आईटी कंपनियां अक्सर अपने अमेरिकी समकक्षों की राह पर चलती हैं। आज लार्ज-कैप शेयरों में नई खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं, ब्याज दरों में बदलाव न होने से कर्ज की लागत स्थिर रहेगी, जिससे इस तिमाही में ऑटो इंडस्ट्री को काफी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
| सेक्टर | मुख्य ट्रिगर | मार्केट आउटलुक |
| इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) | नैस्डैक में तेजी | पॉजिटिव |
| ऑयल मार्केटिंग | कच्चे तेल में उछाल | सतर्क (Cautious) |
| बैंकिंग | RBI का फैसला | न्यूट्रल |
ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
आज पूरे ट्रेडिंग सेशन के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर पड़ रहा है, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है। ज्यादातर एनालिस्ट्स फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की सलाह दे रहे हैं। बाजार की मजबूती इस बात पर निर्भर करेगी कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का निवेश कैसा रहता है। निवेशकों को प्रमुख इंडेक्स के सपोर्ट लेवल पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
आज का बाजार ग्लोबल तेजी और घरेलू नीतियों के बीच फंसा हुआ है। निवेशक एक तरफ स्थिर ब्याज दरों को देख रहे हैं, तो दूसरी तरफ बढ़ती एनर्जी कॉस्ट की चिंता भी है। दोपहर के सत्र तक बाजार का ट्रेंड ज्यादा साफ हो सकता है। मुनाफे के लिए बाजार में हो रहे रियल-टाइम बदलावों के प्रति अलर्ट रहना जरूरी है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि बाजार की ओपनिंग कैसी रहती है।


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