भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार की सुबह संभली हुई लेकिन सकारात्मक शुरुआत के संकेत दे रही है। वॉल स्ट्रीट पर रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बावजूद GIFT Nifty एक स्थिर शुरुआत का इशारा कर रहा है। निवेशक फिलहाल ग्लोबल मार्केट के फायदों और घरेलू हालातों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश में हैं। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर बनकर आई है।
पिछले सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों ने ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छुआ, जिसका असर आज एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, घरेलू ट्रेडर्स की नजर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के रुख पर टिकी रहेगी। पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बिकवाली की वजह से शुरुआती कारोबार में बड़े इंडेक्स की बढ़त पर थोड़ा दबाव रह सकता है।

GIFT Nifty और IT सेक्टर पर रहेगी नजर
नैस्डैक (Nasdaq) में आई मजबूती के बाद आज आईटी सेक्टर फोकस में रहेगा। इसके अलावा, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी से ऑयल और गैस शेयरों को भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। कच्चे तेल के दाम घटने से कई बड़ी भारतीय कंपनियों की लागत कम होगी, जिसका सीधा फायदा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के प्रॉफिट मार्जिन में दिख सकता है।
डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव की वजह से बैंकिंग शेयरों में हलचल देखी जा सकती है। शुरुआती संकेतों के मुताबिक रुपया थोड़ा कमजोर दिख रहा है, जिससे बाजार पर दबाव बन सकता है। ट्रेडर्स फिलहाल लिक्विडिटी के स्तर पर नजर रख रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि मौजूदा तेजी में कितनी जान बाकी है।
| मार्केट फैक्टर | मौजूदा स्थिति | बाजार पर असर |
|---|---|---|
| वॉल स्ट्रीट | रिकॉर्ड ऊंचाई | सकारात्मक |
| ब्रेंट क्रूड | कीमतों में नरमी | सपोर्टिव |
| रुपया (USDINR) | मामूली कमजोरी | सतर्क रुख |
FII फ्लो और निफ्टी के स्तरों पर नजर
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी यह सक्रियता उतार-चढ़ाव के समय रिटेल निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है। जानकारों का मानना है कि बाजार फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। बाजार को नई दिशा तभी मिलेगी जब ग्लोबल संकेत विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव को पीछे छोड़ देंगे।
आज सुबह के कारोबार में निवेशकों को फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है। भले ही अंतरराष्ट्रीय संकेत अच्छे हों, लेकिन लंबी अवधि का ट्रेंड कंपनियों के नतीजों (Earnings) पर ही निर्भर करेगा। ट्रेडर्स के लिए GIFT Nifty के गैप पर नजर रखना जरूरी है। बाजार की इस तेज चाल में सही रणनीति बनाने के लिए इन तकनीकी स्तरों को समझना बेहद अहम है।


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