ग्लोबल संकेतों को देखते हुए आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रहने के आसार हैं। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि निवेशक फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर नजर बनाए हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर आज सेंसेक्स और निफ्टी के बड़े शेयरों पर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, कई बड़ी कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे भी आज बाजार के लिए अहम ट्रिगर साबित होंगे।
फिलहाल घरेलू बाजार पर कई बाहरी कारकों का दबाव साफ दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल कई हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। ईंधन की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों पर पड़ता है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Fed) अपनी सख्त मौद्रिक नीति पर कायम है, जिससे बाजार में थोड़ी बेचैनी है।

Nifty पर फेड के सख्त रुख और कच्चे तेल का असर
आज दिन भर बाजार की चाल काफी हद तक कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और अडानी पोर्ट्स जैसे बड़े शेयरों पर है। इन कंपनियों के Q4 नतीजे पूरे इंडेक्स की दिशा बदल सकते हैं। इसके साथ ही इंडस टावर्स के प्रदर्शन पर भी बाजार की पैनी नजर रहेगी।
आज के सत्र में आईटी और बैंकिंग सेक्टर में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की गतिविधियों को भी करीब से ट्रैक कर रहे हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल ऊंचे बॉन्ड यील्ड के कारण इमर्जिंग मार्केट्स में विदेशी पूंजी का प्रवाह थोड़ा धीमा पड़ा है।
HUL, Adani Ports और Indus Towers में दिखेगी हलचल
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तेल कंपनियों के मार्जिन को लेकर चिंता बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार की दिशा समझने के लिए प्री-ओपनिंग मूव्स पर नजर रखना जरूरी है। नीचे दी गई टेबल में उन तीन प्रमुख शेयरों की जानकारी है, जो आज चर्चा में रहेंगे। इनका प्रदर्शन रिटेल ट्रेडर्स के लिए शुरुआती रुझान तय कर सकता है।
| शेयर का नाम | मुख्य वजह |
|---|---|
| HUL | चौथी तिमाही के नतीजे |
| Adani Ports | वित्तीय परिणाम |
| Indus Towers | तिमाही प्रदर्शन |
ट्रेडर्स को सलाह है कि वे शुरुआती कारोबार के दौरान सतर्क रहें। ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व का रुख आज बाजार की बड़ी तस्वीर तय करेंगे। हालांकि स्थानीय कंपनियों के नतीजे बाजार को सहारा दे सकते हैं, लेकिन कच्चे तेल का जोखिम बरकरार है। कारोबार के दौरान निफ्टी के स्तरों पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।


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