भारतीय शेयर बाजार के लिए आज के संकेत काफी अच्छे नजर आ रहे हैं। GIFT Nifty से मिल रहे संकेतों के मुताबिक, आज बाजार की शुरुआत शानदार हो सकती है। शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल है, जिसका सकारात्मक असर सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिलेगा। RBI द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद बाजार में जो मजबूती आई थी, वह आज भी जारी रहने की उम्मीद है।
ग्लोबल मार्केट की बात करें तो निवेशकों की नजर अब अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर टिकी है। 10 अप्रैल को मार्च के CPI आंकड़े जारी होने वाले हैं। इन आंकड़ों से ही यह साफ होगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लेता है। फिलहाल ट्रेडर्स थोड़े सतर्क हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर बनी रहेगी। अगर आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहे, तो ग्लोबल मार्केट में जल्द ही बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।

GIFT Nifty और बैंकिंग सेक्टर की हलचल
आज भी निफ्टी की चाल तय करने में बैंकिंग सेक्टर की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। घरेलू ब्याज दरों में स्थिरता का फायदा बैंकों को मिल रहा है। साथ ही, क्रेडिट ग्रोथ के मजबूत आंकड़ों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज बड़े बैंक बाजार में तेजी की अगुवाई कर सकते हैं, जिससे इंडेक्स नए रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है।
बुधवार की सुबह IT शेयरों पर भी सबकी नजर रहेगी। कंपनियां अब अपने तिमाही नतीजों (Quarterly Earnings) की तैयारी में जुट गई हैं। बाजार को उम्मीद है कि कंपनियां भविष्य की कमाई को लेकर सकारात्मक संकेत देंगी। अगर दिग्गज IT कंपनियों की कमेंट्री अच्छी रहती है, तो इन शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिल सकती है। उतार-चढ़ाव के दौर में यह सेक्टर अक्सर बाजार को सहारा देने का काम करता है।
कच्चे तेल की कीमतों और OMCs पर असर
कच्चे तेल की कीमतों में आज अच्छी-खासी तेजी देखी जा रही है। भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Risks) बढ़ने के कारण ब्रेंट क्रूड के दाम चढ़ गए हैं। इस तेजी का सीधा असर BPCL जैसी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ सकता है। एनर्जी की बढ़ती लागत अक्सर इन कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डालती है। ऐसे में ट्रेडर्स को इन शेयरों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
| इंडिकेटर | मौजूदा स्थिति | बाजार पर असर |
|---|---|---|
| GIFT Nifty | बढ़त के साथ कारोबार | शानदार शुरुआत |
| ब्रेंट क्रूड | तेजी का रुख | तेल कंपनियों पर नजर |
| US CPI डेटा | बुधवार को आएंगे | भारी उतार-चढ़ाव संभव |
भारतीय बाजार को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) से भी तगड़ा सपोर्ट मिल रहा है। यही वजह है कि वैश्विक आर्थिक बदलावों के बावजूद बाजार में स्थिरता बनी हुई है। FII के निवेश और घरेलू मजबूती के चलते भारतीय रुपया भी स्थिर है। वहीं, रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से बाजार में लिक्विडिटी बनी हुई है। कुल मिलाकर, भारतीय बाजार की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की कहानी अब भी काफी मजबूत नजर आ रही है।
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