मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ होने के संकेत मिल रहे हैं। Gift Nifty में आई तेजी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 15 फीसदी की भारी गिरावट का असर आज बाजार पर साफ दिखेगा। निवेशक अब RBI की आगामी मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि आज सेंसेक्स और निफ्टी मजबूत बढ़त के साथ खुलेंगे।
ग्लोबल ट्रेडिंग सेशन के दौरान ब्रेंट क्रूड के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। भारत के लिए तेल का सस्ता होना अच्छी खबर है क्योंकि इससे कई प्रमुख उद्योगों और एक्सपोर्टर्स की लागत कम हो जाती है। इसके चलते आज डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूती दिखा सकता है। एशियाई बाजारों से मिल रहे संकेत भी पॉजिटिव हैं, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स नए आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।

Gift Nifty में उछाल: कच्चे तेल की गिरावट से एविएशन और पेंट सेक्टर को मिलेगा बूस्ट
आज BPCL और HPCL जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर सबकी नजर रहेगी। कच्चे तेल के दाम गिरने से इन कंपनियों के मार्जिन में सुधार होता है। इसी तरह, इंडिगो (IndiGo) जैसी दिग्गज एविएशन कंपनियों का फ्यूल खर्च कम होगा, जिसका सीधा फायदा उनके मुनाफे पर दिखेगा। अक्सर देखा गया है कि कमोडिटी की कीमतों में ऐसी गिरावट के बाद ये सेक्टर्स मार्केट रिकवरी को लीड करते हैं।
एशियन पेंट्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी आज अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है। दरअसल, पेंट और कोटिंग्स बनाने के लिए कच्चे तेल के डेरिवेटिव्स सबसे जरूरी रॉ मटेरियल होते हैं। लागत कम होने से ये कंपनियां बिना दाम बढ़ाए अपना मुनाफा बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा, इस हफ्ते शुरू हो रहे तिमाही नतीजों के सीजन के चलते आईटी (IT) शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
| फोकस सेक्टर | मुख्य वजह | इन शेयरों पर रखें नजर |
|---|---|---|
| ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) | कच्चे तेल की कीमतों में कमी | IOC, BPCL, HPCL |
| एविएशन | फ्यूल की कम लागत | IndiGo, SpiceJet |
| पेंट सेक्टर | सस्ता कच्चा माल | Asian Paints, Berger |
RBI पॉलिसी और बैंक निफ्टी के ट्रेंड पर टिकी नजरें
RBI की पॉलिसी आने से पहले मार्केट एक्सपर्ट्स बैंक निफ्टी इंडेक्स को बारीकी से ट्रैक कर रहे हैं। हालांकि ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन सेंट्रल बैंक की कमेंट्री काफी अहम होगी। लिक्विडिटी और महंगाई को लेकर मिलने वाले संकेतों से बैंकिंग शेयरों की दिशा तय होगी। घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाजार को सहारा दे रहे हैं, वहीं विदेशी फंड्स का फ्लो भी स्थिर बना हुआ है।
भारतीय बाजारों का शॉर्ट-टर्म आउटलुक कच्चे तेल की स्थिरता और ग्लोबल संकेतों पर निर्भर करेगा। बाजार की मजबूत शुरुआत इंट्राडे बढ़त के लिए एक अच्छा बेस तैयार कर सकती है। हालांकि, पॉलिसी फैसलों और आईटी कंपनियों के नतीजों के करीब आने पर उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। समझदार निवेशक विदेशी पूंजी के प्रवाह को समझने के लिए रुपये की चाल पर भी नजर रख रहे हैं।


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