महंगाई दर 6 साल के निचले स्तर पर! RBI के फैसले से इन सेक्टर्स में मचेगी बड़ी हलचल

12 मई 2025 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी अहम है। आज सबकी नजरें दो बड़े आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं—अप्रैल का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और मार्च का इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP)। PSU बैंक, रियल एस्टेट, ऑटो, FMCG और IT सेक्टर के ट्रेडर्स ने इन आंकड़ों को देखते हुए अपनी पोजीशन लेनी शुरू कर दी है। ये आंकड़े तय करेंगे कि क्या RBI के पास ब्याज दरें घटाने की और गुंजाइश है या फिर उम्मीदों पर पानी फिरेगा।

अप्रैल में महंगाई दर करीब 6 साल के निचले स्तर पर

अप्रैल 2025 में भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) गिरकर 3.16 प्रतिशत पर आ गई है। मार्च 2025 के मुकाबले इसमें 18 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई 2019 के बाद महंगाई का यह सबसे निचला स्तर है। इन आंकड़ों ने न सिर्फ बाजार को चौंकाया है, बल्कि रॉयटर्स के अनुमानों को भी पीछे छोड़ दिया है। इससे अब रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कटौती जारी रखने की संभावना और मजबूत हो गई है।

Indian Stock Market: Inflation Hits 6-Year Low, RBI Rate Cut Hopes Boost Banking & Real Estate Stocks

खाने-पीने की चीजों के दाम घटने से मिली बड़ी राहत

कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स के तहत खाद्य महंगाई दर अप्रैल 2025 में महज 1.78 प्रतिशत रही, जिसमें मार्च के मुकाबले 91 बेसिस पॉइंट्स की बड़ी गिरावट आई है। अक्टूबर 2021 के बाद फूड इन्फ्लेशन का यह सबसे निचला स्तर है। बैंक ऑफ अमेरिका के एनालिस्ट्स ने 5 मई के अपने नोट में पहले ही कहा था कि खाने-पीने की चीजें नियंत्रण में रहेंगी, हालांकि सोने की ऊंची कीमतों की वजह से कोर इन्फ्लेशन पर थोड़ा दबाव दिख सकता है। सब्जियों की कीमतों में आई कमी महंगाई को काबू में लाने की मुख्य वजह रही है।

मार्च में औद्योगिक उत्पादन (IIP) की रफ्तार 3% पर बरकरार

मार्च 2025 में भारत की IIP ग्रोथ 3.0 प्रतिशत रही, जो फरवरी के संशोधित 2.9 प्रतिशत के मुकाबले थोड़ी बेहतर है। मुख्य तीन क्षेत्रों की बात करें तो बिजली उत्पादन (Electricity) में 6.3 प्रतिशत की सबसे दमदार ग्रोथ दिखी। इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग में 3.0 प्रतिशत और माइनिंग में 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के भीतर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट के उत्पादन में 15.7 प्रतिशत और मोटर वाहनों के उत्पादन में 10.3 प्रतिशत का शानदार उछाल देखने को मिला।

इंडिकेटरमार्च 2025फरवरी 2025अप्रैल 2024
IIP ग्रोथ (YoY)3.0%2.9%5.5%
मैन्युफैक्चरिंग3.0%----
बिजली (Electricity)6.3%----
माइनिंग0.4%----
अप्रैल CPI (YoY)3.16%3.34%--
खाद्य महंगाई (CFPI)1.78%2.69%--

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें और हुईं तेज

महंगाई के इन आंकड़ों के बाद अब RBI के लिए ब्याज दरें घटाने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 9 अप्रैल की बैठक के बाद ही संकेत दे दिया था कि केंद्रीय बैंक का रुख अब 'न्यूट्रल' से बदलकर 'अकोमोडेटिव' (उदार) हो गया है। हाल ही में RBI ने रेपो रेट घटाकर 6 प्रतिशत किया था, जो लगातार दूसरी कटौती थी। RBI का मानना है कि महंगाई के मोर्चे पर हालात में "निर्णायक सुधार" हुआ है और उन्हें भरोसा है कि अगले 12 महीनों में महंगाई 4 प्रतिशत के लक्ष्य के दायरे में आ जाएगी।

रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की पैनी नजर

ब्याज दरों में बदलाव का सीधा असर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फाइनेंस, NBFC, ऑटो, हाउसिंग फाइनेंस और कंजम्पशन जैसे सेक्टर्स पर पड़ेगा। खासकर PSU बैंकों को इससे बड़ा फायदा हो सकता है, क्योंकि कर्ज सस्ता होने से नेट इंटरेस्ट मार्जिन और क्रेडिट डिमांड बढ़ने की उम्मीद रहती है। महंगाई के नरम आंकड़ों ने इस तर्क को मजबूती दी है कि RBI के पास राहत देने की अभी और गुंजाइश है, जिससे बैंकिंग और रियल एस्टेट शेयरों में आज इंट्राडे ट्रेड के दौरान तेजी देखी जा सकती है।

रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर को EMI घटने की उम्मीद

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर ब्याज दरों के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं और कर्ज सस्ता होने का इन पर सकारात्मक असर पड़ता है। अगर RBI आने वाले समय में और कटौती करता है, तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन सस्ते होंगे। इससे आम लोगों के साथ-साथ बिजनेस के लिए भी कर्ज लेना किफायती हो जाएगा। ऑटो शेयरों के लिए खुदरा महंगाई में कमी और सस्ते लोन का कॉम्बिनेशन गाड़ियों की डिमांड बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

FMCG और IT: सुरक्षित निवेश के विकल्प

FMCG और रेस्टोरेंट सेक्टर के लिए स्थिति मिली-जुली है। सब्जियों के दाम गिरने से उनकी लागत कम हुई है, लेकिन LPG से जुड़ी ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ सकती है। इसके बावजूद, खाने-पीने की चीजों का सस्ता होना इन कंपनियों के लिए राहत की बात है, जिससे FMCG सेक्टर एक सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। वहीं, IT शेयरों पर घरेलू ब्याज दरों का सीधा असर नहीं पड़ता, इसलिए बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर इसे 'सेफ हेवन' के तौर पर चुनते हैं।

करीब 6 साल के निचले स्तर पर पहुंची महंगाई और स्थिर औद्योगिक उत्पादन ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक तस्वीर पेश की है। RBI पहले से ही नरम रुख अपनाए हुए है और अब इन आंकड़ों ने उसे और मजबूती दे दी है। आज रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स में काफी हलचल रहने की उम्मीद है, जबकि स्थिरता चाहने वाले निवेशक FMCG और IT का रुख कर सकते हैं। अब सबकी नजरें जून 2025 में होने वाली अगली MPC बैठक पर टिकी हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+