India Yuan Payment: भारतीय रिफाइनर्स ने रूस से कुछ तेल आयात के लिए युआन में पेमेंट करना शुरू कर दिया है। रूस में लगे पश्चिमी प्रतिबंध के वजह से भारतीय रिफाइनर को ऐसा करना पड़ रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के चलते हो रहे बदलावों के बीच भारत ने डॉलर की जगह युवान का उपयोग करना शुरू किया है। भारत रूसी समुद्री तेल के बड़े खरीददार के रूप में उभरा है। भारत का रूसी तेल आयात जून के महीने में अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
केप्लर में क्रूड ऑयल के विश्लेषण के प्रमुख विक्टर कटोना के मुताबिक, रूसी तेल की दैनिक मात्रा 2.2 मिलियन बैरल तक पहुंच गई है। को लगातार 10वे महीने की वृद्धि है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक बार फिर रूसी खरीदारी इराक और सऊदी अरब के संयुक्त शिपमेंट से आगे निकल गई।
यूक्रेन पर आक्रमण के बाद युआन काफी तेजी से रूस की फाइनेंशियल सिस्टम में जरूरी भूमिका निभा रहा है। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के वजह से मॉस्को को यूरो और डॉलर फाइनेंशियल नेटवर्क से बाहर कर दिया गया है।
रूस से अपने अधिकांश ऊर्जा इंपोर्ट के लिए चीन पहले ही युआन का इस्तेमाल करने पर विचार कर चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में रूसी क्रूड ऑयल का सबसे बड़ा खरीददार इंडियन ऑयल कॉर्प जून के महीने में कुछ रूसी खरीद के लिए युआन पेमेंट करने वाला पहला राज्य रिफाइनर बन गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत सरकार के एक सूत्र की तरफ से कहा गया है कि अगर बैंक डॉलर में कारोबार निपटाने के लिए इच्छुक नहीं हैं तो कुछ रिफाइनर युआन जैसी अन्य मुद्राओं में पेमेंट कर रहे हैं।
भारतीय तेल रिफाइनरियां सब्सिडाइज्ड क्रूड ऑयल के पेमेंट करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात दिरहम, रूबल और रुपये सहित विभिन्न मुद्राओं की खोज कर रही हैं। यह जो पेमेंट व्यवस्थाएं हैं इनको अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से छूट दी जा सकती है, जब तक कि बिजनेस की प्राइस 7 देशों के ग्रुप और उनके यूरोपीय संघ भागीदारों द्वारा स्थापित प्रति बैरल मूल्य 60 डॉलर सीमा से कम हो।


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