Indian Rail Investment News: हमें कहीं भी आना जाना हो तो सबसे आसान और किफायती साधन ट्रेन होता है। आजकल लोगों को सबसे बड़ी समस्या टिकट की होती है। ऐसा इस लिए है, क्योंकि ट्रेन लिमटेड हैं और यात्रा करने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी बात को ध्यान में रखकर भारतीय रेल विभाग ने बड़ी घोषणा की है। जी हां, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बात करते वक्त कहा है कि अगले कुछ साल में भारतीय रेल 1 लाख करोड़ का निवेश करने वाली हैं। इसे नई ट्रेनें लाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। रेल मंत्री के अनुसार बढ़ती मांग की वजह से रेल विभाग ऐसा करने जा रहा है।
बढ़ती जनसंख्या की वजह से पैसेंजर ट्रेन की संख्या और माल गाड़ी की संख्या में भी बढ़होतरी की जाएगी। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह एक अपग्रेड का हिस्सा है।

मीडिया से बात करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी कहा कि साल 2023 तक फाइनेंशियल डेवलपमेंट के मौजूदा स्तर तक पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे में करीब 12 लाख करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट की जरूरत पड़ सकती है।
रेलवे में शामिल की जा सकती हैं इतनी नई ट्रेनें
आपको बताते चलें कि मिल रही जानकारी के मुताबिक रेलवे का लक्ष्य पुरा्ने स्टॉक को बदलना है। अगर रेलवे ऐसा करता है, तो उसे 7000 से 8000 तक नई ट्रेनों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए अगले कुछ सालों में टेंडर भी निकाले जाएंगे।
अब तक इस्तेमाल हो चुका है 2024 तक 70 फिसदी बजट
अगर बात की जाए कारोबारी साल 2024 कि तो अब तक अपने बजट का 70 फीसदी तक इस्तेमाल कर लिया है। गौरतलब है कि इस साल के लिए रेलवे का बजट 2.40 लाख करोड़ रुपए था।
आपको बताते चलें कि इसी साल 1 फरवरी को आए यूनियन बजट 2023 में 2.40 लाख करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई थी। इन पैसों की इस्तेमाल इलेक्ट्रिफिकेशन और सिग्नल सिस्टम को और बेहतर बनाने के साथ नई रेलवे लाइनों के निर्माण में और रेलवे की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने में इस्तेमाल किया जाना था। अब तक बजट में दी गई धनराशि का 70 प्रतिशत तक इस्तेमाल किया जा चुका है। इसके साथ ही आगे आने वाले कुछ महीनो में बाकी की धनराशि का इस्तेमाल करके रेलवे सेक्टर में सुधार किया जाएगा।
नई ट्रेनों को लाने से क्या होगा लाभ
अगर रेल विभाग द्वारा ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा साथ ही रेलवे की कमाई भी बढ़ेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि अभी सीट मौजूद न होने की वजह से हजारों लोग ट्रेन में यात्रा नहीं कर पाते हैं और फिर उन्हें बस यह हवाई जहाज जैसे दूसरे साधनों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
अगर ट्रेन की संख्या बढ़ती है, तो लोगों को आसानी से टिकट मिल जाएगा और यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होना तय है। आ रही मीडिया जानकारी से तो ऐसा लगता है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण ही रेल विभाग ने गाड़ियों की संख्या को बढ़ाने का भी निर्णय लिया है।


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