Vande Bharat: भारत में अगर ट्रेन की बात आती है हम सभी यही जानते हैं, कि प्रीमियम ट्रेनों में सिर्फ राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस है लेकिन अब ऐसा नहीं है देश में हाई स्पीड चलने वाली ट्रेन वंदे भारत अब एक और नए अवतार के साथ पटरी पर उतरने वाली है जी हां हम बात कर रहे हैं वंदे भारत के नए एडिसन के बारे में पहले आपने देखा होगा वंदे भारत 8 डिब्बों की होती थी या फिर 16 डिब्बों की लेकिन अब रेल मंत्रालय ने फैसला लेते हुए इसे सबसे लंबी ट्रेन बनाने की योजना बनाई है अब वंदे भारत आपको 16 नहीं बल्कि 24 डिब्बों के साथ पटरी पर दौड़ती दिखेगी।

आपको बता दें रेल मंत्रालय ने वंदे भारत सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों के लिए अपने 35,000 करोड़ रुपए के टेंडर में संशोधन किया है, भारतीय रेलवे ने पहले ये योजना बनाई थी जिसके तहत 120 ट्रेन बनाने का ऑर्डर दिया था। वहीं इसमें संशोधन करत हुए एक बार फिर विचार किया अब 80 ट्रेन सेट का ऑर्डर दिया है, हालांकि अब इन सभी ट्रेनों में 24 डिब्बे होंगे और साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए पेंट्री कार सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।
वंदे भारत ट्रेन बनने में कितना लगा पैसा
माना जा रहा है इन 24 डिब्बे वाली ट्रेनों को बनाने में अनुमानित लागत लगभग 120 करोड़ रुपए होगी, भारत में इसको तैयार महाराष्ट्र के लातूर में किया जाएगा, जोकि रेल मंत्रालय की कंपनी रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और रूसी कंपनियों के कंसोर्टियम का एक संयुक्त उपक्रम लग रहा है, ये भी माना जा रहा है इस साल के आखिरी तक यानी नवंबर में मैन्यूफैक्चरिंग इकाई चालू होने की उम्मीद है।
24 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप सितंबर 2025 तक तैयार होने की उम्मीद है। एक बार यह प्रोटोटाइप तैयार हो जाने के बाद, बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने से पहले यह तय करने के लिए कठोर परीक्षण से गुजरेगा कि यह सभी सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों को पूरा करता है।
वंदे भारत ट्रेन को तैयार होने में इतना लगेगा समय
अगर प्रोटोटाइप सभी परीक्षणों में सफल हो जाता है, इसके तुरंत बाद नॉर्मल उत्पादन शुरू हो जाएगा। सही टेस्ट के बाद साल के अंदर ही 12 ट्रेनों को पहला सेट पूरा होने की उम्मीद है। वहीं दूसरे साल में 18 ट्रेन सेट मिलने की उम्मीद है, तीसरे साल में 25 ट्रेन सेट तैयार होने की योजना है, सही समय पर ये सभी ट्रेन मिलती हैं तो बहुत जल्द पटरी पर भी उतार दी जाएंगी। इन सभी ट्रेनों के रखरखाव के लिए जोधपुर, दिल्ली और बेंगलुरु में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
वंदे भारत ट्रेन को तैयार करने के प्रमुख हिस्सेदार
इन ट्रेनों के तैयार करने में आरवीएनएल और रूसी इंजीनियरिंग कंपनियों मेट्रोवैगनमैश और लोकोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स के बीच सहयोग शामिल है। साथ मिलकर वे लातूर में अपनी सुविधा से उच्च गुणवत्ता वाली ट्रेनें बनाने का लक्ष्य रखते हैं। यह पहल भारतीय रेलवे की अपने नेटवर्क पर अधिक लम्बी और ज्यादा आरामदायक रेलगाड़ियां चलाकर यात्री अनुभव को बेहतर बनाने की मजबूती को दिखाता है।


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