Indian Overseas Bank cuts MCLR: इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने सभी पीरियड के लिए अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 आधार अंकों (BPS) की कटौती की घोषणा की है। संशोधित दरें 15 अगस्त से प्रभावी हो गई है।

इस फैसला को बैंक की एसेट लायबिलिटी मैनेजमेंट समिति (एएलसीओ) ने 11 अगस्त को अपनी बैठक के दौरान मंजूरी दी थी। 15 जुलाई के संशोधन के बाद, एक महीने के भीतर एमसीएलआर में यह लगातार दूसरी कटौती है।
नए फ्रेमवर्क के तहत, ओवरनाइट एमसीएलआर 8.15 प्रतिशत से घटाकर 8.05 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि एक महीने की दर पहले के 8.40 प्रतिशत की तुलना में 8.30 प्रतिशत रहेगी। तीन महीने की एमसीएलआर 8.55 प्रतिशत से घटकर 8.45 प्रतिशत हो जाएगी, और छह महीने की दर 8.80 प्रतिशत से घटकर 8.70 प्रतिशत हो जाएगी। एक साल की एमसीएलआर-जिसे अक्सर होम लोन के लिए बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है-अब 8.90 प्रतिशत होगी, जबकि पहले यह 9.00 प्रतिशत थी।
नई IOB MCLR रेट
- ओवरनाइट- 8.05%
- एक महीना- 8.3%
- तीन महीने- 8.45%
- छह महीने- 8.7%
- एक साल- 8.9%
इसका लेंडर पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
मान लीजिए कि आपके पास 40 लाख रुपये का होम लोन है जो 9.00 प्रतिशत की पुरानी रेट पर एक वर्षीय एमसीएलआर से जुड़ा है। 20 साल की अवधि के लिए आपकी ईएमआई लगभग 35,990 रुपये होगी।
बैंक के एक वर्षीय एमसीएलआर को 10 आधार अंकों की कटौती करके 8.90 प्रतिशत करने के बाद, आपकी ईएमआई लगभग 35,823 रुपये रह जाएगी - यानी लगभग 167 रुपये प्रति माह या लगभग 2,000 रुपये प्रति वर्ष की बचत।
MCLR क्या है?
MCL R बैंकों से निर्धारित वह मानक लोन रेट है जिसके नीचे वे लोन नहीं दे सकते, सिवाय RBI के अनुमत कुछ मामलों के। यह दर फंड की लागत, परिचालन लागत और जोखिम प्रीमियम से जुड़ी होती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि लोन रेट बाजार की स्थितियों के अनुसार तेजी से प्रभावित हों।
मौजूदा MCLR-लिंक्ड लोन लेने वालों को अगली रिशेड्यूलिंग डेट के बाद कम EMI का लाभ मिलेगा। नए ग्राहकों को संशोधित कम दरों पर लोन मिलेगा। इस कटौती से आवास और व्यक्तिगत लोन सहित खुदरा लोन की मांग में बढ़ोतरी होने की संभावना है।


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