
Jio-IOC Deal : देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) और जियो की एक डील हुई है। आईओसी ने अपने पेट्रोल पंप नेटवर्क के पांचवें हिस्से को जोड़ने के लिए रिलायंस जियो द्वारा मैनेज की जाने वाली नेटवर्क सर्विसेज का चयन किया है। फर्म ने गुरुवार को एक बयान में कहा जियो 7,200 आईओसी साइटों को एसडी-डब्लूएएन मैनेज्ड सर्विस सॉल्यूशन, जीरो-टच प्रोविजनिंग और 24×7 रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से जोड़ेगा।
जियो ने जीता ऑर्डर
जियो ने एसडी-डब्लूएएन सॉल्यूशन प्रोवाइड करने के लिए आईओसी ऑर्डर जीता है जो आईओसी के रिटेल ऑटोमेशन और पेमेंट प्रोसेसिंग, डेली प्राइज अपडेट, रिमोट डेस्कटॉप प्रोटोकॉल (आरडीपी) सॉफ्टवेयर और एंटरप्राइज़-ग्रेड कनेक्टिविटी के साथ नेटवर्क मॉनिटरिंग, सर्विस क्वालिटी जैसी महत्वपूर्ण बिजनेस प्रोसेसेज को शक्ति प्रदान करेगा। ये सर्विसेज 24x7 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में दी जाएंगी।
किसे मिला ये ऑर्डर
जियोबिजनेस, रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड की एंटरप्राइज यूनिट, 5 वर्षों की अवधि के लिए इसके 7,200 रिटेल आउटलेट्स में आईओसी के लिए एसडी-डब्लूएएन (सॉफ्टवेयर डिफाइंड वाइड एरिया नेटवर्क) की तैनाती और उसे प्रबंधन करेगी। इस ऑर्डर को हासिल करते हुए रिलायंस जियो के हेड एंटरप्राइज, प्रतीक पशिन ने कहा कि हम अपने 'मेड इन इंडिया' मैनेज्ड नेटवर्क सॉल्यूशन के साथ देश में सबसे बड़े एसडी-डब्लूएएन नेटवर्क को लागू करके आईओसी की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी को सपोर्ट करने के लिए तत्पर हैं।
जियो की कनेक्टिविटी का लाभ
प्रतीक पशिन ने कहा बड़े पैमाने पर तैनाती में हमारा व्यापक अनुभव हमें आईओसी को उनके नेटवर्क में हाई परफॉर्मेंस बेंचमार्क हासिल करने और 7,200 साइटों में से प्रत्येक पर जियो की कनेक्टिविटी का लाभ उठाने में सहायता करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता से लैस करेगा। यह भारत में किसी भी इंडस्ट्री के साथ-साथ पूरे एशिया में तेल और गैस उद्योग में एसडी-डब्लूएएन सॉल्यूशंस की सबसे बड़ी डेप्लॉयमेंट में से एक होगा।
अभी क्या है तैयारी
इस समय सॉल्यूशन की तैनाती एक एडवांस्ड फेज में है, जिसमें 2,000 से अधिक रिटेल आउटलेट पहले से ही जियो के एसडी-डब्लूएएन सेट-अप पर शामिल हैं। डब्लूएएन लिंक वर्तमान में सरकार, बैंकों और बड़े और छोटे बिजनेसों के ग्राहकों के लिए विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में कार्यालयों, कारखानों और गोदामों में जियो द्वारा तैनात किए गए हैं।
रिलायंस इंफ्राटेल का अधिग्रहण
एक अन्य खबर के अनुसार जियो की एक और सहायक कंपनी रिलायंस प्रोजेक्ट्स ने रिलायंस इंफ्राटेल के मोबाइल टावर और फाइबर एसेट्स का अधिग्रहण करने के लिए एसबीआई एस्क्रो खाते में 3,720 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने नवंबर में रिलायंस इंफ्राटेल (आरआईटीएल) के अधिग्रहण के लिए जियो को मंजूरी दे दी थी। रिलायंस इंफ्राटेल की ट्रांजेक्शन पूरी हो गया है। एनसीएलटी के निर्देशानुसार जियो ने एसबीआई एस्क्रो खाते में 3,720 करोड़ रुपये जमा कराये हैं। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली जियो ने नवंबर 2019 में अपने छोटे भाई अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस की कर्ज में डूबी सहायक कंपनी की टावर और फाइबर संपत्ति हासिल करने के लिए 3,720 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। ट्रिब्यूनल ने जियो को आरकॉम के टावर और फाइबर एसेट्स के अधिग्रहण को पूरा करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) एस्क्रो खाते में 3,720 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा था।
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