Indian Export In Feb 2024: फरवरी का महीना बाकी महीनों से दिन के मामले में भले छोटा हो, इंडियन एक्सपोर्ट के लिए काफी ज्यादा बेहतर था। फरवरी के महीने में इंडियन एक्सपोर्ट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। एक रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में निर्यात अपने 11 महीने के हाई पर पहुंच गया था। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स यानी वाणिज्य मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी के महीने के दौरान इंजीनियरिंग के समान, इलेक्ट्रॉनिक और मेडिसिन प्रोडक्ट्स की विदेश में जबरदस्त मांग देखने को मिली है।
मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी के महीने में भारत का एक्सपोर्ट 11.9 प्रतिशत तक बढ़ा है और पिछले 11 महीने की हाई लेवल पर पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी के साथ भारत का टोटल एक्सपोर्ट 41.4 अरब अमेरिकी डॉलर का हो गया है। जो इस फाइनेंशियल ईयर के दौरान 1 महीने का सबसे ज्यादा फायदा है।

पिछले साल के मुकाबले बढ़ा है व्यापार घाटा
मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स की माने तो सोने की इंपोर्ट में बढ़ोतरी होने के कारण फरवरी में होने वाला घाट 18.7 अमेरिकी डॉलर कर रहा है। जो पिछले महीने की तुलना में काफी बड़ा है। अगर बात करें पिछले महीने की तो इस दौरान कुल घाटा 16.57 अरब डॉलर का था।
भारत में बढ़ा सोने का आयात
अगर पिछले साल फरवरी महीने की तुलना करें तो इस बार भारत का गोल्ड इंपोर्ट में 133.8 2 की जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। जहां पिछले साल भारत ने 2.63 अरब अमेरिकी डॉलरके गोल्ड का आयत किया था, वह इस साल बढ़कर 6.15 अब अमेरिकी डॉलर हो गया है।
इंपोर्ट में भी दर्ज की गई है जबरदस्त बढ़ोतरी
एक्सपोर्ट ही नहीं इस साल फरवरी के महीने में भारत का इंपोर्ट भी पिछले साल फरवरी के महीने के मुकाबले बड़ा है। आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी के महीने में भारत ने कुल 7.01 अरब अमेरिकी डॉलर सामान को इंपोर्ट किया है। वहीं अगर पिछले साल फरवरी महीने की बात करें तो भारत का कुल इंपोर्ट 53.58 अरब अमेरिकी डॉलर था। पिछले साल के मुकाबले इस साल इंपोर्ट में 12 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
एक्सपोर्ट में सबसे ज्यादा शामिल है कौन से प्रोडक्ट
जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में जो एक्सपोर्ट में तेजी आई है इनमें इंजीनियरिंग मैटेरियल, इलेक्ट्रॉनिक, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन के साथ ही मेडिसिंस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट का योगदान सबसे ज्यादा है। इस दौरान इंजीनियरिंग पदार्थ के एक्सपोर्ट में सालाना आधार पर 15.9 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह करीब 9.94 अरब डॉलर रहा है।
वहीं इलेक्ट्रॉनिक में भी पिछले साल के मुकाबले इस साल 54.81 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है और यह करीब तीन अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है।
अगर बात करें कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन की तो इसके एक्सपोर्ट में पिछले साल के मुकाबले 22.24 प्रतिशत की तेजी देखी गई है। वहीं पेट्रोलियम का एक्सपोर्ट 5.08 प्रतिशत के आसपास बढ़ा है।
इस फाइनेंशियल ईयर के 11 महीना की बात की जाए तो भारत द्वारा किया गया कल एक्सपोर्ट 709.81 डॉलर का रहा है। जो पिछले साल की तुलना में मामूली 0.83 तक ज्यादा है।
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