Indian Citizenship Proof: पहलगाम हमले के बाद दिल्ली पुलिस सरकार अलर्ट हो गई है। राजधानी में रह रहे अवैध नागरिकों की पहचान हो रही है। दिल्ली पुलिस के प्लान के अनुसार, अब आधार कार्ड, पैन कार्ड और राशन कार्ड आपकी भारतीय नागरिकता का वैध सबूत नहीं माने जाएंगे। इससे पहले आधार कार्ड, राशन कार्ड और पैन कार्ड को भी नागरिकता के सबूत के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब इन्हें मान्य नहीं माना जाएगा।

क्यों उठाया गया यह कदम?
पिछले कुछ समय से दिल्ली में अवैध अप्रवासियों की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई जा रही थी। कई ऐसे मामले सामने आए जिनमें अवैध रूप से भारत में रहने वाले लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए खुद को भारतीय नागरिक दिखाने की कोशिश की है। इन लोगों ने आसानी से आधार कार्ड, पैन कार्ड और राशन कार्ड हासिल कर लिए थे लेकिन दिल्ली पुलिस ने अब साफ कर दिया है कि ये डॉक्यूमेंट भारतीय नागरिकता के प्रमाण नहीं माने जाएंगे।
ये डॉक्यूमेंट्स होंगे मान्य
अब नागरिकता का सबूत देने के लिए सिर्फ दो डॉक्यूमेंट्स जरूरी है। ये दो डॉक्यूमेंट्स वोटर आईडी कार्ड और पासपोर्ट हैं। अगर किसी व्यक्ति के पास इनमें से कोई एक डॉक्यूमेंट नहीं है, तो उसे भारतीय नागरिक नहीं माना जाएगा, और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का एक्शन
दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें। खासतौर पर झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों, निर्माण स्थलों और किराए के मकानों में रह रहे लोगों की नागरिकता को चेक किया जाए। अगर किसी पर शक होता है, तो उससे वोटर आईडी या पासपोर्ट दिखाने को कहा जाएगा। अगर वह ऐसा नहीं कर पाता, तो उसे अवैध प्रवासी माना जाएगा और उसके खिलाफ डिटेंशन सेंटर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, पुलिस अधिकारी जानकारी दी है कि कई अवैध प्रवासियों के पास आधार, राशन कार्ड, पैन कार्ड और यहां तक कि UNHCR (संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त) की तरफ से जारी कार्ड भी पाए गए हैं। इससे भारतीय नागरिकता की सही पहचान करना कठिन हो गया था इस वजह से अब वोटर आईडी कार्ड या भारतीय पासपोर्ट अनिवार्य कर दिया गया है।


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