नई दिल्ली, फरवरी 9। अब दुनिया भर में तेजी से फ्लेक्सी वर्क कल्चर डेवलप हो रहा है। कंपनियां कर्मचारियों की सुविधा के लिए नयी नयी फैसिलिटी लेकर आ रही हैं। इसी बीच एक कंपनी ने नयी शुरुआत की है। ये कंपनी अपने कर्मचारियों को हर महीने के बजाय हर हफ्ते सैलेरी देगी। जी हां बी2बी ई-कॉमर्स फर्म इंडियामार्ट ने कर्मचारियों के लिए नयी सुविधा शुरू की है। इसके साथ ही यह हर हफ्ते सैलेरी देने वाली भारत में पहली कंपनी बन गयी है।
भारत में नयी पहल
सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की कंपनियों में कर्मचारियों को सैलरी के लिए एक महीने का इंतजार करना पड़ता है। हर कंपनी में सैलेरी की तारीख अलग अलग होती है। मगर कर्मचारियों की सैलेकी महीने भर बाद ही मिलती है। पर इंडियामार्ट ये ट्रेंड बदलने जा रही है। इंडियामार्ट के कर्मचारियों को सैलरी के लिए पूरे महीने का इंतजार नहीं करना होगा।
विदेशी कल्चर भारत में
ये चलन अब तक विदेशों में ही देखा गया है और वो भी चुनिंदा देशों में ही। मगर इंडियामार्ट इसे अब भारत में लाने जा रही है। इंडियामार्ट अब भारत में हर हफ्ते सैलरी कल्चर शुरू करेगी। हर हफ्ते देकर कंपनी का मकसद कर्मचारियों पर फाइनेंशियल बोझ को कम करना है। साथ ही कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना भी। कंपनी ने वीकली सैलेरी पॉलिसी को अपनाने वाली पहली भारतीय कंपनी होने का दावा किया है।
कर्मचारियों को फायदा
इंडियामार्ट के अनुसार सैलेरी के हर हफ्ते भुगतान से कर्मचारियों के लिए अपने खर्चों को पूरा करना ज्यादा आसान हो जाएगा। इंडियामार्ट के कर्मचारियों को हर हफ्ते सैलेरी मिलेगी, जिससे बिल पेमेंट के साथ साथ दूसरे खर्चों को शेड्यूल और मैनेज करना और अपने पर्सनल बजट को व्यवस्थित करना बहुत ज्यादा आसान हो जाएगा। इसमें होगा यह कि जो सैलेरी महीने में मिलती है उसे 4 किस्तों में कर्मचारियों को दिया जाएगा।
कितने कर्मचारी हैं इंडियामार्ट के पास
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर इंडियामार्ट में 836 कर्मचारी हैं, जबकि इसके पास 2,724 स्थायी कर्मचारी हैं। इंडियामार्ट ने दावा किया है कि कर्मचारी हर हफ्ते सैलेरी मिलने पर ज्यादा अच्छे से और मेहनत के साथ काम करते हैं। इंडियामार्ट के सीओओ दिनेश गुलाटी के अनुसार ये नयी पे पॉलिसी देश में पहली बार कोई कंपनी शुरू कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों को जरूरतों को पूरा करने के लिए महीने भर इंतजार नहीं करना पड़ेगा और इसका असर काम पर उनके प्रदर्शन पर पड़ेगा। वे मानते हैं कि अन्य कंपनियों को भी यही तरीका अपनाना चाहिए। गुलाटी ने फेसबुक पोस्ट पर कंपनी की नई पे पॉलिसी का ऐलान किया।
किन देशों में पहले से ये व्यवस्था
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग और अमेरिका जैसे देशों में ये व्यवस्था मौजूद है और विशेष रूप से प्रति घंटा कर्मचारियों के लिए यही तरीका अपनाया जाता है। मगर इंडियामार्ट के इस कदम ने एक नयी बहस छेड़ दी। लोग इस तरीके के पक्ष और विपक्ष दोनों में हैं। कुछ लोगों का मानना है कि कर्मचारियों का खर्च इससे खर्च बढ़ सकता है और कम बचत होगी। मगर कुछ लोग मानते हैं कि टैलेंट को बनाए रखने के लिए ये अच्छी पहल है।


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