WPI Inflation Rate: आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले थोक महंगाई दर में 0.53 परसेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले वित्त वर्ष 2024 के आखिरी महीने यानी मार्च में धूप महंगाई दर का अनुमान 0.51 प्रतिशत का रखा गया था, लेकिन इस महीने में महंगाई दर इस अनुमान को पार करके 0.53 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है।
लोकसभा चुनाव से पहले होलसेल प्राइस इंडेक्स में महंगाई का बढ़ना सरकार के लिए अच्छी खबर नहीं है। अगर फरवरी महीने की बात करें तो इस दौरान होलसेल इन्फ्लेशन रेट 0.20 तक दर्ज किया गया था जो मार्च के महीने में बढ़ गया है और 0.53 परसेंट के आसपास पहुंच गया है।

कॉमर्स एंड इंडस्ट्रियल मिनिस्ट्री की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस होलसेल प्राइस इंडेक्स में बढ़ोतरी का असर कई क्षेत्रों में पड़ा है और कई अहम सेक्टर में यह होलसेल प्राइस इंडेक्स में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। बढ़ोतरी महीने के स्तर पर रिकॉर्ड की गई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक फ्यूल एंड पावर का होलसेल प्राइस इंडेक्स - 1.59 प्रतिशत से बढ़कर - 0.77 प्रतिशत तक बढ़ चुका है।
अगर खाद्य महंगा इधर की बात की जाए तो यह 4.1 प्रतिशत से बढ़कर 4.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
वहीं अगर बात की जाए कोर होलसेल प्राइस इंडेक्स की तो ये - 1.3 परसेंट से घटकर -1.2 प्रतिशत रही गई है।
फ्यूल एंड पावर के होलसेल प्राइस इंडेक्स में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। फ्यूल एंड पावर होलसेल प्राइस इंडेक्स -1.59 परसेंट से बढ़कर -0.77 परसेंट तक पहुंच गया है।
वहीं अगर हम बात करें मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट की तो इस होलसेल प्राइस इंडेक्स में बढ़ोतरी का असर दिखाई दे रहा है। इसकी डब्ल्यूपीआई -1.27 परसेंट से बढ़कर -85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
वहीं जनवरी में संशोधित की गई होलसेल प्राइस इंडेक्स को 0,27 परसेंट से बढ़ाकर 0.33 प्रतिशत तक कर दिया गया है।
हैरानी के बात है कि पिछले कुछ दिनों में रीटेल इंफ्लेशन रेट में गिरावट भी देखने को मिली है। फरवरी के महीने के मुकाबले मार्च 2024 के महीने में खुदरा मंहगाई दर में गिरावट देखने को मिली है।
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि यह होलसेल प्राइस इंडेक्स में पिछले एक महीने के अंदर आने वाला बदलाव है।


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