India Russia Relation; Trump Tariff: टैरिफ को लेकर भारत समेत दुनियाभर के देशों पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ी चेतावनी दी है। वहीं पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर प्रशंसा और तारीफ की है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार (2 अक्टूबर) को अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका भारत और चीन पर दबाव डालकर रूस से ऊर्जा संबंध खत्म करवाना चाहता है, लेकिन ऐसा कदम उल्टा असर डाल सकता है।

पुतिन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका रूस के व्यापारिक साझेदारों पर ज्यादा शुल्क लगाता है, तो इससे वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी।
रूसी राष्ट्रपति ने ट्रम्प को दी चेतावनी
रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "भारत और चीन अपने साथ अपमान नहीं होने देंगे।" उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ऐसा दबाव बनाएगा, तो इसका बुरा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने साफ कहा कि अगर भारत रूस से ऊर्जा खरीदना बंद करता है, तो उसे नुकसान उठाना पड़ेगा लेकिन भारत की जनता और नेतृत्व ऐसा कभी नहीं होने देंगे। पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि मोदी ऐसे कोई कदम नहीं उठाएंगे।
पुतिन ने अमेरिका की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाया और कहा कि अमेरिका खुद रूस से समृद्ध यूरेनियम खरीदता है, लेकिन बाकी देशों को रूसी ऊर्जा से दूर रहने के लिए कहता है। पुतिन ने पीएम मोदी को 'बुद्धिमान नेता' बताते हुए भारत-रूस के बीच 'रणनीतिक साझेदारी' की पुष्टि की।
पुतिन ने समझाया कि अगर रूस के व्यापारिक सहयोगियों पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाए गए, तो इससे अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कीमतें बढ़ जाएंगी। कीमतें बढ़ने से अमेरिकी केंद्रीय बैंक को भी ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ सकती है। यह दिखाता है कि भारत द्वारा रूस से ऊर्जा खरीदना, भारत का अपना फैसला है और यह किसी बाहरी दबाव में नहीं लिया जाएगा। पुतिन ने भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति की तारीफ की, यानी भारत अपने फैसले खुद लेता है और अपने राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखता है।
इससे पहले भी पुतिन ने अमेरिका को चेताया था कि भारत और चीन से औपनिवेशिक दौर जैसी भाषा में बात नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, "अब उपनिवेशवाद का समय खत्म हो चुका है। भारत और चीन जैसी प्राचीन सभ्यताएं किसी भी अल्टीमेटम के आगे झुकने वाली नहीं हैं।" रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी कहा कि भारत और चीन जैसे देश अमेरिका के दबाव को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने भारत के निर्यात पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया है, जिससे यह कुल टैक्स बढ़कर 50% हो गया है।


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