नयी दिल्ली। पिछले कुछ महीनों में अमेरिका की दिग्गज स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ऐप्प्ल के वरिष्ठ अधिकारियों और भारत के टॉप सरकारी अधिकारियों के बीच कई मीटिंग हुईं। इन मीटिंग से आईफोन निर्माता के चीन से भारत आने की संभावना बढ़ गई है। भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार हुई बातचीत से ऐप्पल ने अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी का लगभग पाँचवाँ हिस्सा (कुल प्रोडक्शन का 20 फीसदी) चीन से भारत ट्रांसफर करने की संभावनाओं पर गौर किया। इसके अलावा ऐप्पल कॉन्ट्रैक्ट निर्माताओं के जरिए अपनी स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग इनकम को भी आने वाले 5 सालों में 40 अरब डॉलर तक पहुंचाने के प्लान पर काम कर रही है। जानकार कहते हैं कि अगर ऐसा हुआ तो ऐप्पल भारत की सबसे बड़ी निर्यातक बन सकती है। कंपनी भारत में आईफोन तैयार करके उनका निर्यात करेगी। बता दें कि हाल में कई और विदेशी कंपनियों के चीन से निकल भारत आने की उम्मीद हैं। भारत सरकार ने कई देशों के साथ मामले पर बातचीत कर अच्छे खासे ऑफर भी रखे हैं। इन्हीं कंपनियों की लिस्ट में ऐप्पल का नाम भी जुड़ सकता है।
40 अरब डॉलर के स्मार्टफोन करेगी तैयार
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी अधिकारी ने उम्मीद जतायी है कि ऐप्पल 40 अरब डॉलर के स्मार्टफोन तैयार करेगी, जिनमें अधिकतर निर्यात के लिए होंगे। ऐप्पल इसके लिए उत्पादन प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का लाभ उठाते हुए ऐप्पल इसके लिए अपने कॉन्ट्रैक्ट निर्माता Wistron और Foxconn की मदद लेगी। हालांकि कुछ ऐसी तरह की भी रिपोर्ट हैं कि सरकार की महत्वाकांक्षी पीएलआई योजना में कुछ अड़चनें हैं, जिनका अभी भी हल निकाला जाना है। कुछ समय पहले रिपोर्ट आई थी कि अगर ऐप्पल भारत में आईफोन बनाती है तो भारतीयों को आईफोन सस्ते मिल सकते हैं।
क्या है ऐप्पल के लिए दिक्कत
ऐप्पल के सामने कुछ नियमों को लेकर समस्याएं हैं। उदाहरण के लिए पूरे प्लांट और मशीनरी को पहले से ही चीन और अन्य जगहों पर इसकी वैल्यू की 40 फीसदी मूल्य पर उपयोग में लाना और इस योजना के तहत मांगी जाने वाली व्यवसायिक जानकारी कुछ हद तक परेशानियों का सबब हैं। हालांकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वे कंपनी की सभी चिंताओं पर गौर करेंगे क्योंकि केंद्र सरकार भारत में हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग लाने पर ध्यान लगा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 28 दिसंबर को ऐप्पल, सैमसंग और देसी फोन निर्माता लावा के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात भी की थी, जिससे इस प्रोसेस की शुरुआत हुई थी।
भारत में ऐप्पल का प्रोडक्शन बेहद कम
भारत ऐप्पल के लिए एक बड़ा बाजार नहीं है क्योंकि कंपनी भारत में अपने कुल प्रोडक्शन का कुछ ही हिस्सा बेचती है। ऐप्पल असल में भारत को निर्माण और निर्यात के लिए अपना बेस बनाने का प्लान बना रही है, जिससे चीन के बाहर इसके उत्पादन में विविधता आएगी। वर्तमान में ऐप्पल भारत में करीब 1.5 अरब डॉलर के फोन बेचती है, जिनमें से 0.5 अरब डॉलर से भी कम यहीं तैयार होते हैं। भारत में इसकी बाजार हिस्सेदारी 2-3% फीसदी है। इसके मुकाबले ऐप्पल चीन में एक टॉप निवेशक है। 2018-19 में कंपनी चीन में 220 अरब डॉलर का प्रोडक्शन किया, जिसमें से 185 अरब डॉलर का निर्यात किया। साथ ही ये चीन में 48 लाख लोगों को रोजगार भी देती है।
भारत का लक्ष्य
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक भारत वैश्विक निर्यात में बड़ा हिस्सा हासिल करना चाहता है। इसके लिए ऐप्पल जैसी कंपनियों का भारत आना महत्वपूर्ण होगा। पीएलआई योजना को भारत में वैश्विक आपूर्ति चेन में आने वाली दिक्कतों को ही दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अगले सप्ताह से कंपनियां भारत में आने के लिए आवेदन शुरू कर कर सकती हैं। इसके बाद दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बाद 1 अगस्त से योजना शुरू हो जाएगी। यह भारत सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे तेज योजना बताई जा रही है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications