WPI inflation Oct 2025: अक्टूबर 2025 में घरेलू थोक महंगाई और अधिक घटकर नकारात्मक क्षेत्र में आ गई। थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई घटकर (-)1.21% रह गई, जबकि सितंबर 2025 में यह 0.13% थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को आंकड़े जारी किए, जिनमें खाद्य वस्तुओं, कच्चे पेट्रोलियम, बिजली, खनिज तेलों और मूल धातुओं में व्यापक गिरावट को दिखाया गया है।

प्रमुख प्राथमिक वस्तुओं और मैन्यूफैक्चुरिंग इनपुट की कीमतों में गिरावट के कारण थोक मंहगाई में कमी जारी रही, जो पिछले तीन महीनों में कीमतों में सबसे कम गिरावट है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) सभी-वस्तु सूचकांक सितंबर के 154.9 से मामूली रूप से गिरकर अक्टूबर में 154.8 पर आ गया, जिससे वार्षिक आधार पर -1.21% की गिरावट आई।
अक्टूबर WPI इंडेक्स
खाद्य पदार्थों और खाद्य उत्पादों की कीमतों पर नजर रखने वाले WPI खाद्य सूचकांक में इस महीने डिफ्लेशनरी रुझान देखा गया। खाद्य महंगाई सितंबर के -1.99% की तुलना में घटकर -5.04% हो गई। इसका मतलब है कि खाद्य पदार्थ पहले से भी ज्यादा सस्ते हो गए हैं। कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई और गैर-खाद्य पदार्थ भी सस्ते हो गए। हालांकि, खनिज पदार्थ थोड़े महंगे हुए।
फ्यूल और बिजली महंगी हो गईं। अक्टूबर में इस समूह का सूचकांक 1.12% बढ़ा। बिजली की कीमतों में सबसे ज्यादा लगभग 3% की बढ़ोतरी हुई, जबकि खनिज तेल थोड़े महंगे हुए। कोयले की कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया।
खुदरा महंगाई में भी रिकॉर्ड गिरावट
भारत की खुदरा महंगाई अक्टूबर में घटकर 0.25% रह गई, जो सितंबर में 1.54% थी। यह तेज गिरावट मौजूदा CPI चेन की साल-दर-साल सबसे कम महंगाई को दिखाती है।


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