Stock Market Cues: शेयर बाजार में आज सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिल रहा. सेंसेक्स करीब 3000 अंक और निफ्टी करीब 1000 अंक टूट गए हैं. ब्रॉडर मार्केट में भी तेज करेक्शन है, जिसमें मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 5-7% तक टूट गए हैं. बाजार की बिकवाली में भारत के अस्थिरता इंडेक्स में 57% की तूफानी तेजी देखने को मिल रही, जो 21.66 पर पहुंच गई. बता दें कि इस इंडेक्स को अक्सर डर का पैमाना कहा जाता है. वॉलिटिलिटी इंडेक्स यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से लगाए गए पारस्परिक टैरिफ और चीन की ओर से जवाबी टैरिफ के बाद ग्लोबल ट्रेड वॉर को लेकर बढ़ती चिंताओं की वजह से है.
इंडिया VIX में 60% का उछाल
इंडिया वीआईएक्स (India VIX) में इंट्राडे स्पाइक लगभग 60% तक पहुंच गया, जो 21.97 पर पहुंच गया. यह हाल के सालों में सबसे ज्यादा सिंगल डे तेजी में से एक है. दरअसल, वॉलिटिलिटी इंडेक्स बढ़त तेजी से कम खुलने के साथ हुई, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में बढ़ते ट्रेड टेंशन और मंदी की आशंकाओं की वजह से ग्लोबल रिस्क के सेंटिमेंट को दर्शाता है.
भारतीय शेयर बाजार पर प्रभाव
शुरुआती कारोबारी घंटों में सेंसेक्स 3,900 अंक से ज़्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 22,000 अंक से नीचे चला गया. इस गिरावट की वजह से अलग-अलग सेक्टर्स में बिकवाली देखने को मिला. बाजार का रिएक्शन ग्लोबल अनिश्चितताओं और संभावित इकोनॉमिक रिसल्ट्स के बारे में इनवेस्टर्स की आशंका को दर्शाती है.

India VIX क्या है?
इंडिया VIX या इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स शॉर्ट टर्म में अपेक्षित बाजार अस्थिरता का अनुमान लगाता है. अस्थिर अवधि के दौरान बाजार अक्सर तेजी से ऊपर या नीचे की ओर बढ़ते हैं, जिससे VIX बढ़ता है. इसके उलट जब अस्थिरता कम होती है, तो VIX गिरने लगता है. NIFTY जैसे वैल्यू इंडेक्स के उलट वॉलिटिलिटी इंडेक्स, इंडेक्स ऑप्शंस की ऑर्डर बुक का इस्तेमाल करके तय किया जाता है.
इंडिया VIX निकट भविष्य में बाजार में होने वाली अस्थिरता के बारे में खास तौर पर अगले 30 कैलेंडर दिनों में निवेशकों की भावना को दर्शाता है. इंडिया VIX का हायर पॉइंट्स अधिक प्रत्याशित अस्थिरता को दर्शाता है और इसके विपरीत. कैलकुशन में मौजूदा और अगले महीने दोनों के लिए NSE के F&O सेगमेंट पर ट्रेड किए गए NIFTY ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट से सर्वश्रेष्ठ बोली-मांग उद्धरणों का उपयोग करना शामिल है.
बाज़ार की अस्थिरता को समझिए
बाजार में अस्थिरता से तात्पर्य उस दर से है जिस पर किसी निश्चित रिटर्न के लिए बॉन्ड्स की कीमतें बढ़ती या घटती हैं. हाई वॉलिटैलिटी का मतलब है कि किसी बॉन्ड का मूल्य संभावित रूप से मूल्यों की एक बड़ी सीमा तक फैला हो सकता है; इसका मतलब है कि प्रतिभूति की कीमत किसी भी दिशा में कम समय अवधि में नाटकीय रूप से बदल सकती है.
इंडिया VIX, NIFTY जैसे पारंपरिक वैल्यू इंडेक्स जैसा नहीं है, जबकि वैल्यू इंडेक्स की कैलकुलेशन अंतर्निहित इक्विटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर की जाती है, इंडिया VIX जैसे अस्थिरता सूचकांक की गणना अंतर्निहित सूचकांक विकल्पों की ऑर्डर बुक का उपयोग करके वार्षिक प्रतिशत के रूप में की जाती है.
More From GoodReturns

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Q1 Results Today: L&T, HUL और वरुण बेवरेजेस के नतीजों का दिन! जानें किन शेयरों में दिखेगा बड़ा एक्शन

SEBI का बड़ा एक्शन: Axis Mutual Fund Front Running Case में 7 साल का बैन, क्या है मामला?

Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?

Godfrey Phillips Share: कमजोर नतीजों से टूटा निवेशकों का भरोसा, शेयर में 8% तक की बड़ी गिरावट

South Korea Market Crash: चिप कंपनियों की बिकवाली से Kospi में दूसरे दिन बड़ी गिरावट, भारत पर कितना असर?

Indo-MIM IPO अलॉटमेंट: आज जारी हो रहा है स्टेटस, क्या आपको शेयर मिले? ऐसे चेक करें

GRSE Share: जून तिमाही में शानदार नतीजे, Profit 44% बढ़ा, Revenue भी मजबूत! आगे क्या होगा?

Market Outlook: गिरते बाजार में घबराएं नहीं, इन Levels और Sectors पर रखें नजर

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?



Click it and Unblock the Notifications