PM Modi on Trump Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अगस्त को एक बड़ा फैसला लेते हुए भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की। इससे अब भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगने लगा है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करार जवाब दिया गया है।

उन्होंने कहा भारत कभी भी अपने देशवासी मछुआरों, किसानों और पशुपालकों के हितो से कभी भी समझौता नही किया जा सकता। पीएम मोदी की तरफ से आए इस ब्यान को सीधे वाशिंगटन के लिए एक अहम मेसेज माना जा रहा है। अमेरिका और भारत के बीच ये कारोबारी तनाव रूस से भारत के तेल आयत रखने को लेकर आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भारत अपने किसानो और पशुपालकों के हक में किसी भी तरह से समझौता नही करेगा. वहीं, उन्होंने कहा मैं पर्सनल रूप से जानता हूं इसके लिए मुझे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, मैं जानता हूं कि इसके लिए मुझे व्यक्तिगत और राजनीतिक तौर पर कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन मैं अपने देश के किसानों के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार हूं। भारत हमेशा अपने लोगों के हितों की रक्षा करेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हमारे मछुआरे, किसान और पशुपालक हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनके साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ी है।
अमेरिका का तर्क और भारत की स्थिति
अमेरिका का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद उसने दुनिया भर से रूसी तेल खरीद बंद करने को कहा था, लेकिन भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना जारी रखा। इसी कारण अमेरिका ने भारत पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया।
भारत का कहना है कि तेल का आयात पूरी तरह बाजार की जरूरतों और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित है। ऐसे में भारत को अकेले निशाना बनाना गलत और अन्यायपूर्ण है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस अमेरिकी फैसले को "अनुचित, भेदभावपूर्ण और अव्यावहारिक" बताया है। मंत्रालय ने कहा कि कई अन्य देश भी रूस से तेल खरीद रहे हैं, लेकिन अमेरिका ने सिर्फ भारत को टारगेट किया है, जो स्पष्ट रूप से पक्षपात है। सरकार ने दोहराया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
क्या होगा आगे का असर?
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप के इस फैसले से भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। वहीं, पीएम मोदी की प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि भारत किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं झुकेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान साफ करता है कि भारत अपनी नीति और अपने लोगों के हितों को लेकर गंभीर है। चाहे वह किसान हों या मछुआरे, सरकार उनके साथ है और अमेरिका जैसे देशों के दबाव में आकर कोई नीतिगत बदलाव नहीं किया जाएगा।


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